खामेनेई के लिए कराची में चल रहा था प्रदर्शन, US सैनिकों ने 22 लोगों को मारी गोली, क्या करेंगे मुनीर?

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद पाकिस्तान के कराची में हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए.

Khamenei death American soldiers shot 22 Pakistani protesters in Karachi
Image Source: Social Media

कराची/इस्लामाबाद: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद पाकिस्तान के कराची में हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए. खामेनेई की मौत के विरोध में सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की घटना सामने आई है, जिसमें कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं.

अमेरिकी कांसुलेट के पास हुआ प्रदर्शन

जानकारी के अनुसार, कराची में स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर बड़ी संख्या में लोग विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे थे. इसी दौरान हालात बिगड़ गए और सुरक्षा में तैनात अमेरिकी मरीन गार्ड्स ने गोलीबारी कर दी.

सिंध सरकार के प्रवक्ता सुखदेव हेमनानी ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि फायरिंग सीधे प्रदर्शनकारियों पर की गई, जिसके चलते कई लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है.

34 से ज्यादा घायल, जांच के आदेश

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस घटना में कम से कम 34 लोग घायल हुए हैं. सिंध सरकार ने मामले की जांच कराने की बात कही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर हालात इतने बेकाबू कैसे हुए.

हालांकि, पाकिस्तान की केंद्र सरकार ने इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक कोई सख्त बयान नहीं दिया है, जिससे राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है.

गृह मंत्री का बयान

पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों की ओर से भी गलती हुई थी, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई. हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर अमेरिकी बलों की कार्रवाई पर कोई टिप्पणी नहीं की.

गोलीबारी को लेकर गंभीर आरोप

स्थानीय रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों के सीने और चेहरे को निशाना बनाकर फायरिंग की. यह भी कहा जा रहा है कि 2011 के बाद यह पहला मौका है जब पाकिस्तान की धरती पर अमेरिकी सुरक्षा बलों द्वारा इस तरह की गोलीबारी की घटना सामने आई है.

इस बीच, अमेरिकी दूतावास की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. उल्टा, एहतियातन वीजा सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित करने की बात कही गई है.

केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खामेनेई की हत्या पर दुख जरूर जताया, लेकिन इस गोलीबारी को लेकर अमेरिका का नाम लेने से परहेज किया.

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान सरकार अमेरिका के साथ अपने संबंधों को ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे पर सतर्क रुख अपना रही है.

कराची का रणनीतिक महत्व

कराची पाकिस्तान का प्रमुख बंदरगाह शहर है, जहां कई देशों के दूतावास और कांसुलेट स्थित हैं. अमेरिकी कांसुलेट की सुरक्षा के लिए वहां मरीन गार्ड्स की तैनाती की गई है, जिनका मुख्य काम संवेदनशील दस्तावेजों और अधिकारियों की सुरक्षा करना होता है.

पाकिस्तान में शिया आबादी और असर

पाकिस्तान में शिया समुदाय की आबादी लगभग 3.7 करोड़ बताई जाती है, जो देश की कुल आबादी का करीब 15 प्रतिशत है. ऐसे में ईरान से जुड़े किसी भी बड़े घटनाक्रम का असर पाकिस्तान के अंदर भी देखने को मिलता है.

ईरान और पाकिस्तान के बीच करीब 909 किलोमीटर लंबी सीमा साझा होती है, खासकर बलूचिस्तान क्षेत्र में दोनों देशों का संपर्क अधिक है. इस वजह से क्षेत्रीय घटनाएं अक्सर दोनों देशों के आंतरिक हालात को प्रभावित करती हैं.

ये भी पढ़ें- Israel-Iran War: कई देशों में फैल चुकी है यह जंग, ईरान ने कहां-कहां किए हमले, किसे कितना हुआ नुकसान?