Karun Nair Century: कर्नाटक के अनुभवी बल्लेबाज करुण नायर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनका बल्ला अभी भी रिकॉर्ड बनाने की क्षमता रखता है. इंग्लैंड दौरे पर फ्लॉप होने और टेस्ट टीम से बाहर होने के बाद नायर ने रणजी ट्रॉफी में अपनी बल्लेबाजी से सभी को चौंका दिया. लगातार दूसरे मैच में शतक जड़कर उन्होंने यह साबित कर दिया कि वे अब भी भारतीय क्रिकेट के बड़े फॉर्मेट में अपने प्रदर्शन से टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं.
1 नवंबर से मंगलापुरम के केसीए क्रिकेट ग्राउंड में खेले जा रहे एलीट ग्रुप-बी के मुकाबले में करुण नायर ने पहले ही दिन अपना शानदार शतक जड़ दिया. 160 गेंदों में 10 चौके और 2 छक्कों की मदद से नायर ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपने 26वें शतक का जश्न मनाया. इसी शतकीय पारी के दौरान उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 9,000 रन भी पूरे कर लिए. यह उपलब्धि हासिल करने वाले वे कर्नाटक के छठे बल्लेबाज बन गए हैं, राहुल द्रविड़, गुंडप्पा विश्वनाथ, बृजेश पटेल, सैयद किरणी और रॉबिन उथप्पा के बाद.
Karun Nair 100 runs in 160 balls (10x4, 2x6) Karnataka 237/3 #KERvKAR #RanjiTrophy #Elite Scorecard:https://t.co/eCNoWZ9tuR
— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) November 1, 2025
कर्नाटक की पारी की कमान संभाली
केरल के खिलाफ मैच की शुरुआत कर्नाटक के लिए बुरी रही थी. टीम ने 13 रन पर 2 विकेट खो दिए थे, लेकिन करुण नायर ने धैर्य और शालीनता से पारी को संभाला. उन्होंने कृष्णन श्रीजीत के साथ तीसरे विकेट के लिए 123 रनों की साझेदारी कर टीम को संकट से बाहर निकाला. इसके बाद स्मरण रविचंद्रन के साथ चौथे विकेट के लिए शानदार साझेदारी कर कर्नाटक को पहले दिन 3 विकेट पर 319 रन तक पहुँचाया. नायर 142 और रविचंद्रन 88 रन बनाकर नाबाद रहे.
टेस्ट टीम में वापसी और नई चुनौती
करुण नायर की टेस्ट टीम में 8 साल बाद वापसी 2025 में इंग्लैंड दौरे के लिए हुई थी. हालांकि, वहां उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा. चार टेस्ट मैचों में आठ पारियों में उन्होंने केवल 205 रन ही बनाए और सिर्फ एक अर्धशतक जमाया. इसके बाद उन्हें वेस्टइंडीज सीरीज के लिए टीम से बाहर कर दिया गया.
अब रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के बाद नायर की कोशिश रहेगी कि वे फिर से भारतीय टेस्ट टीम में अपनी जगह पक्की करें. खासकर साउथ अफ्रीका टेस्ट सीरीज के लिए चयन को लेकर उनके प्रदर्शन पर सभी की नजर होगी.
वापसी की कहानी
करुण नायर की यह फॉर्म वापसी केवल रन बनाने तक सीमित नहीं है. यह उनके आत्मविश्वास, अनुभव और मानसिक दृढ़ता का प्रतीक है. टेस्ट क्रिकेट में फिर से अवसर मिलने पर करुण नायर यह साबित कर सकते हैं कि उनका बल्ला अब भी बड़ी पारियों के लिए तैयार है. रणजी ट्रॉफी में उनका यह प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आया है.
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