Kanpur House Collapse: घाटमपुर थाना क्षेत्र के हिरनी गांव में रविवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया. अचानक एक कच्चा मकान भरभराकर ढह गया और उसके मलबे में एक ही परिवार के पांच लोग दब गए. हादसे के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई. ग्रामीणों और बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद सभी पांचों को मलबे से बाहर निकाला और पतारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया.
मलबे में दबा पूरा परिवार
हादसे में 45 वर्षीय मुकेश, उनकी 16 वर्षीय बेटी माया, 12 वर्षीय नीतू और 7 वर्षीय पल्लवी गंभीर रूप से घायल हो गए थे. सभी को पतारा सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया. वहीं 19 वर्षीय काजल की हालत गंभीर बताई जा रही है. प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए कानपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया है.
जिंदा निकाले गए लोगों को अस्पताल में नहीं मिला समय पर इलाज?
हादसे के बाद अब पतारा सीएचसी की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि मलबे से सभी पांच लोगों को जिंदा बाहर निकाला गया था और उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन करीब एक घंटे तक इमरजेंसी में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था. ग्रामीणों के मुताबिक, इस दौरान वार्ड बॉय ने घायलों को संभाला. स्थानीय लोगों का यह भी दावा है कि बाद में सूचना मिलने पर डॉक्टर अस्पताल पहुंचे. ग्रामीणों के इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन घटना के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल जरूर खड़े हो गए हैं.
हादसे के बाद गांव में पसरा मातम
एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत की खबर मिलते ही हिरनी गांव में मातम पसर गया. हादसे के बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए और राहत एवं बचाव कार्य में मदद की. परिवार के सामने आई इस त्रासदी ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है.
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