Rohit Shetty House Firing: मुंबई के जुहू इलाके में फिल्म निर्देशक Rohit Shetty के घर के बाहर हुई फायरिंग मामले में पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. जांच के अनुसार यह हमला 5 करोड़ रुपये की रंगदारी वसूलने के मकसद से कराया गया था. इस पूरी साजिश के पीछे शुभम लोनकर गैंग का नाम सामने आया है. जांच में पता चला कि राजस्थान के श्रीगंगानगर से जुड़े शुभम लोनकर गैंग ने 5 करोड़ रुपये की मांग की थी.
रंगदारी का दबाव बनाने के लिए भाड़े के शूटरों से फायरिंग करवाई गई. मुख्य शूटर दीपक बताया गया है, जो आगरा का रहने वाला है. पूरे शूटआउट में कुल 7 लोग शामिल थे. ये सभी आगरा, नोएडा और इटावा के रहने वाले हैं. वारदात के लिए गैंग की ओर से सेमी-ऑटोमेटिक पिस्टल दी गई थी. फायरिंग के बाद शुभम लोनकर की तरफ से गोलू पंडित को बड़ी रकम दिए जाने की भी जानकारी सामने आई है.
यूपी और मुंबई पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन
इस मामले में उत्तर प्रदेश एसटीएफ और मुंबई पुलिस ने मिलकर कार्रवाई की. हरियाणा के झज्जर से मुख्य शूटर दीपक और उसके साथी सनी, सोनू और रितिक को गिरफ्तार किया गया. वहीं गाजियाबाद से विष्णु कुशवाहा, जतिन भारद्वाज और विशाल को पकड़ा गया.
दो सगे भाई सोनू और रितिक भी साजिश में शामिल निकले. एसटीएफ ने सभी सातों आरोपियों को हिरासत में लेकर मुंबई पुलिस को सौंप दिया है. अब उनसे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है.
क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जांच
घटना के बाद जुहू थाने में गंभीर धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ. शुरुआती जांच के बाद मामला क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल को दे दिया गया. पुलिस को शक था कि मामला किसी बड़े गैंग से जुड़ा है.
पूछताछ में संगठित अपराध से जुड़े सबूत मिलने के बाद केस में MCOCA की धाराएं भी जोड़ दी गईं. इसके बाद जांच का दायरा और बढ़ गया. अब पुलिस फंडिंग और विदेशी कनेक्शन की भी जांच कर रही है.
अब तक 12 आरोपी गिरफ्तार
इस केस में अब तक कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. ताजा गिरफ्तारी आगरा से हुई, जहां से विष्णु कुशवाहा को पकड़ा गया. इससे पहले हरियाणा के बहादुरगढ़ से चार आरोपी गिरफ्तार किए गए थे.
हरियाणा एसटीएफ के एसपी विक्रांत भूषण के मुताबिक, मुंबई पुलिस की एंटी एक्सटॉर्शन सेल के अनुरोध पर संयुक्त टीम बनाई गई थी. सभी आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में मुंबई लाया गया है.
दीपक था मुख्य शूटर
जांच में सामने आया कि दीपक ने ही रोहित शेट्टी के घर पर गोली चलाई थी. सन्नी और सोनू ने पहले घर की रेकी की थी. पूरी योजना के बाद फायरिंग की गई. वारदात के बाद आरोपी अलग-अलग रास्तों से भागे और कल्याण स्टेशन पहुंचे. वहां से ट्रेन पकड़कर आगरा चले गए. सोनू पहले दो साल तक कल्याण में रह चुका था और बाद में हथियार सप्लाई के काम से जुड़ गया था.
विदेश से जुड़े तार
पुलिस जांच में सामने आया कि दीपक का संपर्क लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों से था. उसका कनेक्शन विदेश में बैठे हरि बॉक्सर और आरजू बिश्नोई से बताया गया है. सोशल मीडिया के जरिए संपर्क हुआ और फिर फायरिंग की योजना बनाई गई. दीपक को शुरुआत में 50 हजार रुपये दिए गए थे और आगे बड़ी रकम देने का वादा किया गया था.
बाबा सिद्दीकी केस से भी जुड़ाव?
जांच में यह भी सामने आया कि आरजू बिश्नोई ने शुभम लोनकर से संपर्क किया था. शुभम लोनकर पहले से बाबा सिद्दीकी केस में वांटेड बताया जाता है. हालांकि शूटर्स की उससे सीधी बात की पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस इस एंगल की भी जांच कर रही है और नेटवर्क की हर कड़ी को जोड़ने की कोशिश कर रही है.
ऐसे रची गई पूरी साजिश
सन्नी, सोनू और दीपक पहले मुंबई पहुंचे. उन्होंने घर और इलाके की रेकी की. इसके बाद तय योजना के अनुसार फायरिंग की गई. वारदात में आधुनिक और विदेशी हथियारों का इस्तेमाल हुआ. फायरिंग के बाद आरोपी दिल्ली-एनसीआर और अन्य जगहों पर छिपते रहे. बाद में वे बहादुरगढ़ के एक खेत में बने ठिकाने पर पहुंचे.
पुलिस तकनीकी सर्विलांस और खुफिया जानकारी के आधार पर उनकी लोकेशन ट्रैक कर रही थी. आखिरकार संयुक्त ऑपरेशन में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. अब पूछताछ जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि इस केस में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.
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