बीजिंगः फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की सेना में दूसरे सबसे बड़े अधिकारी जनरल हे वेईडोंग को उनके पद से हटा दिया गया है. वे छह सदस्यों वाले केंद्रीय सैन्य आयोग (CMC) के उपाध्यक्ष थे. इस आयोग का नेतृत्व खुद राष्ट्रपति शी जिनपिंग करते हैं. हे वेईडोंग चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के बड़े नेता पोलित ब्यूरो के सदस्य भी थे.
उन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते हटाया गया है और अब अधिकारी उनसे पूछताछ कर रहे हैं. हालांकि चीन के रक्षा और विदेश मंत्रालय की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
गंभीर मामला क्यों माना जा रहा
करीब 6 महीने पहले, CMC के एक और सदस्य मियाओ हुआ को भी निलंबित किया गया था. लेकिन हे वेईडोंग का पद मियाओ हुआ से कहीं ऊंचा था, इसलिए उनका हटाया जाना ज्यादा गंभीर मामला माना जा रहा है.
पिछले कुछ समय से वेईडोंग CMC के कार्यक्रमों में नजर नहीं आ रहे थे, यहां तक कि वे राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हर साल होने वाले वृक्षारोपण कार्यक्रम में भी शामिल नहीं हुए. इसी वजह से पहले से ही उनके खिलाफ कार्रवाई की अटकलें लगाई जा रही थीं.
1967 के बाद पहली बार हुआ ऐसा
एशिया सोसाइटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञ नील थॉमस का कहना है कि 1967 के बाद पहली बार किसी CMC उपाध्यक्ष को पद से हटाया गया है. उन्होंने कहा, “ये दिखाता है कि शी जिनपिंग सेना में भ्रष्टाचार खत्म करने को लेकर काफी सख्त हैं. वह PLA यानी चीन की सेना को एक मजबूत और वफादार बल बनाना चाहते हैं, जो देश के अंदर और बाहर दोनों जगह उनके एजेंडे को समर्थन दे.”
पिछले दो सालों में शी जिनपिंग ने दो रक्षा मंत्रियों – वेई फेंगहे और ली शांगफू, और अपने पूर्व सहायक किन गैंग (जो विदेश मंत्री थे) को भी पद से हटा दिया है. साथ ही डोंग जून को भी रक्षा मंत्री के पद से पिछले साल हटाया गया था. इन सब घटनाओं से साफ है कि चीन की सेना और रक्षा मंत्रालय में अंदरूनी हलचल तेज हो चुकी है और शी जिनपिंग अपने नियंत्रण को और मजबूत करने में लगे हैं.
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