Jharkhand Lightning Deaths: झारखंड के गिरिडीह जिले में मंगलवार का दिन कई परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला दर्द बन गया. देवरी प्रखंड के देवपहाड़ी और बिलोटांड़ इलाके में हुई वज्रपात की दो अलग-अलग घटनाओं ने पांच लोगों की जान ले ली, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि मृतकों में चार मासूम बच्चे शामिल हैं, जिनमें तीन एक ही परिवार के थे. अचानक बदले मौसम और बिजली गिरने की इन घटनाओं ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है.
खेलते बच्चों पर अचानक टूटी मौत बनकर बिजली
देवरी थाना क्षेत्र के देवपहाड़ी गांव में एक आहर के पास पांच बच्चे बैठे हुए थे. इसी दौरान मौसम ने अचानक करवट ली और तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिर गई. वज्रपात की चपेट में आने से अर्जुन कुमार साव, विष्णुदेव साव, गजेंद्र साव और कुश कुमार की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं उमेश नाम का एक बच्चा गंभीर रूप से झुलस गया, जिसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है. इस हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
खेत में काम करते समय गई किसान की जान
इसी दिन दूसरी घटना देवरी प्रखंड की बांसडीह पंचायत के तिलयडीह गांव में हुई. यहां धान की रोपाई कर रहे संतोष तिवारी अचानक वज्रपात की चपेट में आ गए. गंभीर रूप से घायल संतोष को ग्रामीणों ने तुरंत अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई. वहीं विक्रम नाम का एक अन्य युवक भी बिजली गिरने से घायल हुआ है और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है. लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने ग्रामीणों में भय का माहौल पैदा कर दिया है.
केंद्रीय मंत्री ने जताया दुख
इस हृदयविदारक हादसे पर केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने सोशल मीडिया के जरिए गहरा शोक व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि देवपहाड़ी और बिलोटांड़ में हुई वज्रपात की घटना अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है. घर से खेलने निकले चार मासूम बच्चों की असमय मौत ने सभी को झकझोर दिया है. उन्होंने घायल बच्चे के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की.
48 घंटे में दूसरी बड़ी त्रासदी
गिरिडीह की यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब महज 48 घंटे पहले झारखंड में वज्रपात ने कई परिवारों को तबाह कर दिया था. रविवार को धान की रोपाई के दौरान बिजली गिरने से मां-बेटी समेत पांच महिलाओं की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे. इसके अलावा गोड्डा जिले के बसंतराय थाना क्षेत्र के रामपुर गांव में भी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दो महिलाओं की जान चली गई थी. लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं मानसून के दौरान बढ़ते खतरे की ओर इशारा कर रही हैं और लोगों को खराब मौसम में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत महसूस करा रही हैं.
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