Japan Earthquake: उत्तरी जापान की शांत रात अचानक हड़बड़ाहट में बदल गई, जब देर रात समुद्र के भीतर से उठी एक भयावह कंपकंपी ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया. सोमवार रात करीब 11 बजकर 15 मिनट पर आए 7.6 तीव्रता के इस शक्तिशाली भूकंप ने कुछ ही मिनटों में तटीय आबादी को डरा दिया. कई इलाकों में लोग आधी रात को घरों से बाहर निकल आए, जबकि समुद्र की ओर से उठी छोटी लेकिन खतरनाक सुनामी ने डर को और बढ़ा दिया.
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार, इवाते प्रांत के कुजी पोर्ट में लगभग 70 सेंटीमीटर ऊंची सुनामी दर्ज की गई. कुछ अन्य तटों पर 50 सेंटीमीटर तक की लहरें देखी गईं. एक स्थानीय निवासी ने झटकों की तीव्रता बताते हुए कहा, “मैंने जीवन में इतना जोरदार झटका पहले कभी महसूस नहीं किया.”
भूकंप में 20 से ज्यादा लोग घायल
फायर एंड डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी ने पुष्टि की है कि अब तक 23 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई गई है. राहत टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं और प्रभावित इलाकों में नुकसान का आंकलन किया जा रहा है. यह झटका जापान के मुख्य होंशू द्वीप के उत्तरी हिस्से आओमोरी के तट से करीब 50 मील दूर समुद्र में आया.
न्यूक्लियर प्लांट की भी हुई जांच
भूकंप के बाद सुरक्षा को लेकर सबसे बड़ा सवाल क्षेत्र के न्यूक्लियर प्लांट्स पर उठा. न्यूक्लियर रेगुलेशन अथॉरिटी ने बताया कि आओमोरी में स्थित रोक्काशो फ्यूल रीप्रोसेसिंग प्लांट में लगभग 118 गैलन पानी फैल गया, लेकिन किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं है. एजेंसी ने कहा कि प्लांट सुरक्षित है और सभी सिस्टम सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं.
JMA ने खतरा टाला, लेकिन चेतावनी जारी
JMA ने कुछ घंटों तक स्थिति पर नज़र रखने के बाद सभी सुनामी एडवाइजरी हटा ली, यानी तत्काल खतरा टल गया है. इसके बावजूद एजेंसी ने उत्तर-पूर्वी जापान से लेकर होक्काइडो और चिबा प्रांत तक के बड़े हिस्से के लिए सख्त चेतावनी जारी की है.एजेंसी ने साफ कहा है कि आने वाले सात दिनों में एक और बड़े भूकंप की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
सरकार ने बनाया इमरजेंसी टास्क फोर्स
भूकंप के तुरंत बाद प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने देर रात 11.16 बजे एक इमरजेंसी टास्क फोर्स गठित करने का आदेश दिया. सरकार ने संबंधित मंत्रालयों को हाई अलर्ट पर रहने और स्थानीय प्रशासन से लगातार संपर्क में रहने के निर्देश दिए हैं. लोगों से अपील की गई है कि वे अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहें, क्योंकि यह इलाका पहले भी तेज आफ्टरशॉक्स का केंद्र रह चुका है.
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