JK: जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में शनिवार सुबह खराब मौसम ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं. किश्तवाड़ जिले में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ में कई वाहन बह गए, जबकि शोपियां जिले में भारी बारिश के कारण कई घरों में पानी भर गया. प्रशासन दोनों जगह हालात पर नजर बनाए हुए है और राहत कार्य जारी है.
किश्तवाड़ में तड़के बादल फटा
किश्तवाड़ जिले के चतरू इलाके में शनिवार तड़के करीब 2:30 बजे बादल फटने की घटना हुई. इसके बाद अचानक तेज पानी का बहाव आ गया, जिससे कई वाहन बह गए और आसपास की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा.
अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल किसी के घायल होने या जान जाने की सूचना नहीं है. नुकसान का पूरा आकलन किया जा रहा है.
एहतियात के तौर पर बंद किया गया हाईवे
घटना के बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चतरू-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है. प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और हालात पर लगातार नजर रख रही हैं.
कुछ दुकानों को भी हुआ नुकसान
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने किश्तवाड़ के जिला प्रशासन से बात की. शुरुआती जानकारी के अनुसार किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन कुछ व्यावसायिक दुकानों को नुकसान पहुंचा है. प्रभावित लोगों को नियमों के अनुसार सहायता देने की बात भी कही गई है.
Just now spoke to DC Kishtwar Sh Pankaj Kumar Sharma, after receiving the reports of cloudburst in the Chhatroo area early this morning. No loss of life reported. Some commercial outlets/shops are damaged for which, due compensation will be provided.
— Dr Jitendra Singh (@DrJitendraSingh) August 1, 2026
To reassure the local…
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले साल बादल फटने की घटनाओं के बाद इलाके में आधुनिक अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाए गए हैं. इसके अलावा पाडर क्षेत्र में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन लगाने की प्रक्रिया भी जारी है, ताकि भविष्य में मौसम की बेहतर निगरानी की जा सके.
शोपियां में भारी बारिश से बिगड़े हालात
दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के पहलपोरा इलाके में शनिवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद कई घरों में पानी भर गया. अचानक जलभराव होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और इलाके में सामान्य जीवन प्रभावित हो गया.
राहत और बचाव कार्य जारी
बारिश के बाद पुलिस और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं. प्रभावित इलाकों से पानी निकालने, लोगों की मदद करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम किया जा रहा है. साथ ही नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है.
जलभराव की वजह की जांच जारी
सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने जलभराव की वजह बादल फटना बताया, लेकिन प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है. अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल शोपियां में बादल फटने की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. जलभराव की असली वजह का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है.
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