S Jaishankar Putin Meet: रूस और भारत के बीच लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक रिश्तों को लेकर मॉस्को से एक बार फिर अहम संदेश सामने आया है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने संबंधों और भारत-रूस साझेदारी की जमकर सराहना की. पुतिन ने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ाने में पीएम मोदी की व्यक्तिगत दिलचस्पी अहम रही है. इसके साथ ही उन्होंने भारतीय किसानों के लिए रूस से उर्वरक की पर्याप्त सप्लाई जारी रखने का भी भरोसा दिलाया.
पुतिन ने पीएम मोदी के लिए भेजा खास संदेश
एस. जयशंकर के साथ मुलाकात के दौरान व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना गर्मजोशी भरा अभिवादन पहुंचाने को कहा. रूसी राष्ट्रपति ने भारत और रूस के संबंधों को मजबूत करने में पीएम मोदी की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रिश्तों के विकास को लेकर प्रधानमंत्री मोदी का व्यक्तिगत ध्यान महत्वपूर्ण रहा है.
भारत-रूस व्यापार में फिर दिखने लगी तेजी
पुतिन ने भारत और रूस के बीच आर्थिक संबंधों को लेकर भी सकारात्मक संकेत दिए. उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार में गिरावट देखने को मिली थी, लेकिन अब हालात में सुधार के संकेत नजर आ रहे हैं. रूसी राष्ट्रपति के मुताबिक, व्यापारिक गतिविधियों में दोबारा तेजी आने के पीछे कई कारण हैं और इनमें प्रधानमंत्री मोदी का भारत-रूस संबंधों को मजबूत करने पर लगातार ध्यान देना भी शामिल है.
मोदी-पुतिन की जल्द हो सकती है मुलाकात
मुलाकात के दौरान पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी से जल्द मिलने की उम्मीद भी जताई. उन्होंने संकेत दिया कि दोनों नेताओं की मुलाकात शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान हो सकती है. इसके अलावा कार्यक्रम और दोनों नेताओं की व्यस्तताओं के अनुसार साल के अंत में भी मुलाकात की संभावना बनी हुई है.
भारतीय किसानों के लिए रूस का बड़ा आश्वासन
बैठक में उर्वरक की सप्लाई का मुद्दा भी अहम रहा. पुतिन ने कहा कि रूस भारत को खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठा रहा है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारतीय कृषि क्षेत्र की जरूरतों को देखते हुए उर्वरकों की सप्लाई बढ़ाने की कोशिश जारी रहेगी. भारत के कृषि क्षेत्र के लिए यह आश्वासन काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि किसानों के लिए खाद की समय पर उपलब्धता उत्पादन और खेती की लागत दोनों को प्रभावित करती है. ऐसे में रूस की ओर से सप्लाई बनाए रखने का भरोसा भारत की कृषि जरूरतों के लिहाज से अहम माना जा रहा है.
ऊर्जा से लेकर हाईटेक सेक्टर तक बढ़ रहा सहयोग
रूस और भारत की साझेदारी केवल तेल और गैस तक सीमित नहीं है. पुतिन ने परमाणु ऊर्जा, हाईटेक सेक्टर और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में दोनों देशों के बढ़ते सहयोग का भी जिक्र किया. भारत और रूस के बीच रक्षा, ऊर्जा, परमाणु तकनीक और विभिन्न रणनीतिक क्षेत्रों में लंबे समय से सहयोग जारी है. अब दोनों देश पारंपरिक साझेदारी के साथ-साथ आर्थिक और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग को और विस्तार देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. इससे आने वाले समय में द्विपक्षीय संबंधों का दायरा और व्यापक होने की उम्मीद है.
भारत-रूस रिश्तों को लेकर क्या है संकेत?
जयशंकर और पुतिन की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब भारत और रूस अपने पुराने रणनीतिक रिश्तों को नए आर्थिक और तकनीकी क्षेत्रों से जोड़ने पर जोर दे रहे हैं. पुतिन की ओर से पीएम मोदी की व्यक्तिगत भूमिका की तारीफ और भारतीय किसानों के लिए उर्वरक सप्लाई बढ़ाने का भरोसा दोनों देशों के बीच सहयोग की निरंतरता को दर्शाता है. आने वाले समय में व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और रणनीतिक सहयोग के मोर्चे पर भारत-रूस संबंधों में और प्रगति देखने को मिल सकती है.
ये भी पढ़ें- ट्रंप करना चाहते हैं बातचीत, लेकिन किम जोंग उन नहीं उठा रहे फोन, तानाशाह की खामोशी ने बढ़ाया सस्पेंस!