भारत-चीन रिश्तों में फिर बढ़ी हलचल, NSA अजीत डोभाल जाएंगे चीन, इन मुद्दों पर होगी बातचीत

Ajit Doval China Visit: भारत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को लेकर एक बार फिर बातचीत होने जा रही है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल 24 अगस्त 2026 को चीन की राजधानी बीजिंग पहुंचेंगे.

activity in India-China relations NSA Ajit Doval to visit China talks to cover these issues
Image Source: Social Media

Ajit Doval China Visit: भारत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को लेकर एक बार फिर बातचीत होने जा रही है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल 24 अगस्त 2026 को चीन की राजधानी बीजिंग पहुंचेंगे.

बीजिंग में वह चीन के विदेश मंत्री और अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ भारत-चीन स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव्स (SR) वार्ता में हिस्सा लेंगे. दोनों देशों के बीच सीमा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत के लिए यह एक अहम व्यवस्था है.

25वें दौर की होगी बातचीत

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, अजीत डोभाल और वांग यी के बीच मंगलवार को सीमा विवाद पर विशेष प्रतिनिधियों की 25वें दौर की बातचीत होगी. इस बैठक में दोनों पक्ष सीमा से जुड़े पुराने मुद्दों के साथ-साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC पर शांति और स्थिरता बनाए रखने को लेकर भी चर्चा कर सकते हैं.

भारत और चीन के बीच सीमा को लेकर कई इलाकों में लंबे समय से मतभेद रहे हैं. ऐसे में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच सीधी बातचीत को काफी अहम माना जा रहा है.

सीमा विवाद के समाधान की तलाश

स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव्स की बातचीत का मुख्य उद्देश्य भारत और चीन के बीच सीमा विवाद का राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान तलाशना है. दोनों देशों के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा को लेकर अलग-अलग क्षेत्रों में मतभेद हैं. सीमा पर तनाव का असर कई बार दोनों देशों के आपसी रिश्तों पर भी पड़ा है. ऐसे में बातचीत के जरिए तनाव कम करने और सीमा पर शांति बनाए रखने की कोशिश की जाती रही है.

2003 में शुरू हुआ था SR तंत्र

भारत और चीन ने सीमा विवाद के व्यापक समाधान के लिए साल 2003 में स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव्स तंत्र शुरू किया था. इसके तहत दोनों देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधि सीमा से जुड़े मुश्किल मुद्दों पर सीधे बातचीत करते हैं.

भारत और चीन के बीच करीब 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा को लेकर विवाद है. सीमा के अलग-अलग हिस्सों पर दोनों देशों के दावे अलग-अलग हैं. इसी वजह से सीमा विवाद का समाधान काफी जटिल माना जाता है.

डोभाल और वांग यी की बातचीत पर नजर

अजीत डोभाल भारत की ओर से स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव हैं, जबकि वांग यी चीन की तरफ से इस बातचीत में प्रतिनिधित्व करते हैं. दोनों के बीच होने वाली बैठक में सीमा विवाद के अलावा LAC पर शांति और स्थिरता बनाए रखने से जुड़े मुद्दों पर भी बात हो सकती है. भारत और चीन के रिश्तों में सीमा विवाद की बड़ी भूमिका रही है.

ऐसे में 25वें दौर की यह बातचीत दोनों देशों के बीच संवाद को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है. बातचीत से सीमा विवाद के समाधान की दिशा में कोई ठोस रास्ता निकलता है या नहीं, इस पर सभी की नजर रहेगी.

ये भी पढ़ें- DU PG Admission: स्पॉट राउंड-2 में किस स्कोर पर मिली सीट? दिल्ली यूनिवर्सिटी ने जारी किया डेटा