Israel Attack On Gaza: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (5 अक्टूबर) को हमास को एक अहम संदेश देते हुए शांति प्रस्ताव स्वीकार करने के लिए शाम 6 बजे तक का अंतिम समय दिया है. ट्रंप ने शनिवार को कहा था कि इजराइल ने गाजा के लिए एक प्रारंभिक वापसी रेखा पर सहमति जताई है, और यह जानकारी हमास को भी दे दी गई है. उन्होंने यह भी कहा कि जैसे ही हमास इस प्रस्ताव की पुष्टि करेगा, युद्धविराम तत्काल लागू हो जाएगा और कैदियों की अदला-बदली की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.
ट्रंप ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किए जाने तक गाजा में इजराइली बमबारी बंद करने का आग्रह किया था, लेकिन इसके बावजूद इजराइल के विमानों और टैंकों ने रात भर गाजा के विभिन्न हिस्सों में बमबारी जारी रखी. इन हमलों में कम से कम 36 लोगों की मौत हुई है, जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं. यह स्थिति गाजा की जनता के लिए भारी पीड़ा का कारण बनी हुई है और संघर्ष के समाप्ति के प्रयासों को और जटिल बना रही है.
इस बीच, मिस्र ने गाजा युद्ध को समाप्त करने के लिए विभिन्न पक्षों के बीच शांति वार्ता आयोजित करने की योजना बनाई है. यह वार्ता इस संकट के समाधान के लिए अब तक की सबसे बड़ी कूटनीतिक पहल मानी जा रही है.
शांति वार्ता में कई देशों के प्रतिनिधि शामिल
मिस्र गाजा संघर्ष को शांत करने के लिए हमास, इजराइल, अमेरिका और कतर के प्रतिनिधियों को साथ लेकर वार्ता आयोजित कर रहा है. इस वार्ता का उद्देश्य क्षेत्र में जारी हिंसा को समाप्त कर शांति स्थापित करना है. हमास ने ट्रंप की शांति योजना के कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को स्वीकार किया है, जिनमें युद्ध समाप्ति, इजराइली सैनिकों की वापसी और बंदियों की रिहाई शामिल हैं.
हालांकि, हमास ने कुछ ऐसे मुद्दे अभी भी बातचीत के लिए खुले छोड़े हैं, जिनमें सबसे प्रमुख हथियारों का निष्कासन है. यह मामला दोनों पक्षों के लिए संवेदनशील है क्योंकि हमास का मानना है कि हथियार छोड़ना उनकी सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है, जबकि इजराइल इसे एक आवश्यक शर्त मानता है.
फिलिस्तीनी अधिकारी की राय और हमास की शर्तें
एक वरिष्ठ फिलिस्तीनी अधिकारी ने बताया कि आगे की वार्ता इस बात पर निर्भर करेगी कि हमास गाजा के नक्शे को स्वीकार करता है या नहीं. इस नक्शे में इजराइली सेना को गाजा के कुछ क्षेत्रों पर नियंत्रण दिया गया है, जो फिलिस्तीनियों के लिए विवादास्पद है. अधिकारी ने यह भी संकेत दिया कि हमास इजराइल की सेना की वापसी के लिए एक निश्चित समय सीमा भी तय करने की मांग कर सकता है. यह स्थिति फिलिस्तीन और इजराइल के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव और क्षेत्रीय नियंत्रण को लेकर विवाद को फिर से उभार रही है.
नेतन्याहू सरकार में मतभेद, युद्ध विराम या जारी हमले?
इजराइल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू पर युद्ध खत्म करने का दबाव लगातार बढ़ रहा है. हालांकि, सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों का मानना है कि हमले जारी रहना चाहिए ताकि हमास को कमजोर किया जा सके. इजराइल के वित्त मंत्री बेजालेल स्मोत्रिच ने सार्वजनिक रूप से कहा कि गाजा पर हमले बंद करना एक बड़ी गलती होगी और इससे सुरक्षा को खतरा होगा.
वहीं, विपक्ष के नेता यायर लैपिड ने ट्रंप की शांति योजना का समर्थन किया है और कहा है कि इसे सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा. उनका मानना है कि युद्ध को जल्द से जल्द समाप्त करना आवश्यक है ताकि नागरिकों की जान बचाई जा सके.
गाजा शहर, जो हमास का आखिरी किला माना जाता है, वहां इजराइली सेना के हमले लगातार जारी हैं. इजराइली सेना ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि जिन लोगों ने गाजा के युद्ध प्रभावित इलाकों को छोड़ दिया है, वे वापस न लौटें क्योंकि वहां स्थिति अत्यंत अस्थिर है.
अरब देशों का शांति प्रस्ताव का स्वागत
मध्य-पूर्व के कई प्रमुख अरब देशों ने भी हमास के शांति प्रस्ताव के जवाब का स्वागत किया है. सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), मिस्र, कतर, जॉर्डन, तुर्की, इंडोनेशिया और पाकिस्तान ने संयुक्त रूप से एक बयान जारी कर युद्ध को तुरंत खत्म करने और शांति स्थापित करने के प्रयासों का समर्थन किया है.
इन देशों ने इस बात पर जोर दिया है कि क्षेत्र में स्थिरता और शांति केवल संवाद और समझौते से ही संभव है. उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और हिंसा को समाप्त करने की अपील की है, ताकि आम जनता को हो रहे संकट को जल्द से जल्द खत्म किया जा सके.
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