'ईरानी बच्चों के कातिल का पीछा कर मारेंगे', IRGC ने नेतन्याहू को दी जान से मारने की धमकी, बढ़ेगा तनाव!

ईरान के शक्तिशाली सैन्य संगठन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर कड़ा बयान दिया है.

IRGC threatened to kill Netanyahu war between Iran and Israel
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तेहरान: ईरान के शक्तिशाली सैन्य संगठन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर कड़ा बयान दिया है. आईआरजीसी ने कहा है कि ईरान अपने नागरिकों और बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को कभी माफ नहीं करेगा और नेतन्याहू को किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा.

आईआरजीसी का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है.

वेबसाइट पर जारी किया गया बयान

आईआरजीसी की आधिकारिक वेबसाइट सेपाह न्यूज पर जारी बयान में कहा गया कि इजरायल और अमेरिका ने बिना किसी उकसावे के ईरान पर हमला कर युद्ध की शुरुआत की है. संगठन ने आरोप लगाया कि इजरायली हमलों में ईरान के कई बच्चे मारे गए हैं, इसलिए उनके जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा.

बयान में कहा गया कि अगर बेंजामिन नेतन्याहू जिंदा रहते हैं तो आईआरजीसी उनका पीछा करना जारी रखेगा और उन्हें सजा देने की कोशिश करेगा.

क्या है आईआरजीसी?

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ईरान की सबसे ताकतवर सैन्य संस्थाओं में से एक है. इसकी स्थापना 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद हुई थी. इस संगठन के पास अपनी थलसेना, नौसेना, वायुसेना और खुफिया तंत्र भी मौजूद है. ईरान की सुरक्षा और रणनीतिक फैसलों में इसकी बड़ी भूमिका मानी जाती है.

हमलों के बाद बढ़ा तनाव

रिपोर्ट्स के अनुसार संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमले शुरू किए थे, जिसके बाद यह संघर्ष तेजी से बढ़ गया. इन हमलों में ईरान को भारी नुकसान हुआ और कई वरिष्ठ राजनीतिक तथा सैन्य अधिकारियों की मौत की खबरें भी सामने आईं.

करीब दो हफ्तों से ज्यादा समय से चल रहे इस युद्ध में अब तक लगभग 1500 लोगों की मौत की बात कही जा रही है.

ईरान का पलटवार भी जारी

हमलों के जवाब में ईरान भी लगातार पलटवार कर रहा है. ईरान ने इजरायल के कई ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं. इसके अलावा खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है.

साथ ही ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का फैसला लिया है. इससे वैश्विक समुद्री व्यापार और तेल सप्लाई पर सीधा असर पड़ रहा है.

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