तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ा खुलासा सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को संभावित अमेरिकी हमले के डर से एक सुरक्षित बंकर में शिफ्ट किया गया है. यह दावा ईरान के एक विपक्षी न्यूज चैनल के हवाले से किया गया है, जिसे टाइम्स ऑफ इजरायल ने रिपोर्ट किया है.
जानकारी के अनुसार, यह बंकर तेहरान के नीचे बना बेहद मजबूत और हाई-सिक्योरिटी संरचना है, जहां भूमिगत सुरंगों का एक जाल मौजूद है. कहा जा रहा है कि किसी भी मिसाइल या हवाई हमले से बचने के लिए यह बंकर खास तौर पर डिजाइन किया गया है.
बंकर से चल रहा है सत्ता का संचालन
रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि खामेनेई के बंकर में शिफ्ट होने के बाद उनके कार्यालय के रोजमर्रा के कामकाज की जिम्मेदारी उनके तीसरे बेटे मसूद खामेनेई को सौंपी गई है.
मसूद इस समय सरकार और शीर्ष नेतृत्व के बीच मुख्य संपर्क माध्यम की भूमिका निभा रहे हैं. सरकारी अधिकारी और सैन्य कमांडर कथित तौर पर उन्हीं के जरिए सुप्रीम लीडर तक संदेश पहुंचा रहे हैं.
ट्रंप के बयान के बाद बढ़ा खतरे का अंदेशा
खामेनेई के बंकर में जाने की खबरें ऐसे समय सामने आई हैं जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में यह बयान दिया था कि अमेरिका का नौसैनिक बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है.
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बेड़े में एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन, विध्वंसक जहाज और अन्य युद्धपोत शामिल हैं. ट्रंप ने साफ कहा था कि अमेरिका ईरान की गतिविधियों पर करीबी नजर रखे हुए है.
विरोध प्रदर्शनों के बीच ट्रंप की चेतावनी
इसी महीने ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान ट्रंप ने खामेनेई के नेतृत्व वाली सरकार को खुली धमकी दी थी. उन्होंने कहा था कि अगर ईरानी शासन प्रदर्शनकारियों को दबाने के लिए अत्यधिक बल प्रयोग करता है, तो अमेरिका कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा.
ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए सीधे प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए लिखा था कि “मदद आ रही है”, जिससे हालात और भड़क गए थे. हालांकि, बाद में उन्होंने अपने रुख में कुछ नरमी दिखाई और कहा कि ईरानी सरकार ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि बड़े पैमाने पर फांसी देने की योजनाओं को फिलहाल टाल दिया गया है.
खाड़ी की ओर बढ़ रहा अमेरिकी बेड़ा
वॉशिंगटन और तेहरान के रिश्ते उस वक्त और तनावपूर्ण हो गए जब ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा कि अमेरिकी नेवी का विशाल बेड़ा खाड़ी क्षेत्र की ओर रवाना हो चुका है.
इस बयान को ईरान ने सीधे तौर पर सैन्य दबाव की रणनीति के रूप में देखा है. यही वजह मानी जा रही है कि खामेनेई को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का फैसला किया गया.
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