Iran-US War: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि शुक्रवार तड़के बुशेहर प्रांत के पास एक अमेरिकी विमान को मार गिराया गया. ईरान के सरकारी टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक जम इलाके में ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम ने एक “दुश्मन विमान” को निशाना बनाकर गिरा दिया.
रिपोर्ट में जम काउंटी के गवर्नर मसूद तंगस्तानी के हवाले से कहा गया कि ईरानी रक्षा प्रणालियों ने सफलतापूर्वक कार्रवाई करते हुए विमान को रोक लिया. ईरानी मीडिया का दावा है कि घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी, हालांकि बाद में हालात सामान्य होने की बात कही गई.
अमेरिका ने दावे को बताया गलत
ईरानी मीडिया के इन दावों को अमेरिका ने खारिज कर दिया है. अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि बुशेहर प्रांत के पास किसी भी अमेरिकी विमान को निशाना नहीं बनाया गया और न ही कोई विमान गिराया गया है.
रॉयटर्स के मुताबिक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ईरान की सरकारी मीडिया में चल रही खबरें तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं. अमेरिकी पक्ष का कहना है कि इस तरह की रिपोर्ट्स तनावपूर्ण माहौल में भ्रम फैलाने वाली हो सकती हैं.
ईरानी गवर्नर ने क्या कहा?
ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी ने गवर्नर मसूद तंगस्तानी के हवाले से कहा कि “रात के दौरान हुई घटना में दुश्मन के एक विमान को मार गिराया गया.” हालांकि विमान किस देश का था और उसकी प्रकृति क्या थी, इस बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई.
गवर्नर ने यह भी कहा कि घटना के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क रहीं और अब शहर में स्थिति सामान्य है.
तनाव कम करने की कोशिशों के बीच घटना
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने को लेकर बातचीत की खबरें चल रही हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच एक संभावित समझौते को लेकर चर्चा जारी है. हालांकि अभी तक किसी अंतिम डील की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि एक प्रस्तावित समझौता लगभग तैयार है, लेकिन उसे अभी तक अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अंतिम मंजूरी नहीं मिली है. दूसरी तरफ ईरानी मीडिया का कहना है कि फिलहाल किसी भी अंतिम समझौते पर सहमति नहीं बनी है.
इससे पहले अमेरिका ने किए थे हमले
इससे पहले गुरुवार तड़के अमेरिका ने ईरान के कुछ सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक बंदर अब्बास के पास स्थित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया था. अमेरिका ने कहा था कि यह कार्रवाई ईरान की ओर से हुए ड्रोन हमलों के जवाब में की गई.
ईरान ने इन हमलों की पुष्टि की थी. इसके बाद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने जवाबी कार्रवाई में एक अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया है.
कुवैत में भी बढ़ी थी हलचल
इसी दौरान कुवैत की सेना ने भी बयान जारी कर कहा था कि उसके क्षेत्र के ऊपर मिसाइल और ड्रोन गतिविधियां देखी गईं. सेना के मुताबिक सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया.
मध्य पूर्व में लगातार बढ़ते तनाव के बीच इस तरह की घटनाओं ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात और बिगड़ते हैं तो इसका असर तेल बाजार, वैश्विक व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है.
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