ईरान ने लिया बदला! जॉर्डन-UAE में अमेरिकी ठिकानों पर दागी मिसाइलें, ग‍िराया MQ-9 ड्रोन, देखें Video

होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है. ईरान ने जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया.

Iran retaliates Missiles fired at US bases in Jordan and the UAE video
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तेहरान: होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है. ईरान ने जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. ईरानी सेना ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया है. इसके अलावा यूएई में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ड्रोन से हमला किया गया. ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी एमक्यू-9 ड्रोन को मार गिराने का दावा भी किया है. इन हमलों में कितना नुकसान हुआ है, इसकी अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि, ताजा घटनाक्रम से पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है.

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने सोमवार को कहा कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य के लारक द्वीप पर हुए अमेरिकी हमले का जवाब है. ईरान के मुताबिक, उसकी सेना ने जॉर्डन में अमेरिकी सेना के दो ठिकानों को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया. इनमें किंग हुसैन और अल-अजराक इलाके में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने शामिल हैं.

ईरान ने यह भी दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट में उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए आए अमेरिकी एमक्यू-9 ड्रोन को मार गिराया गया है.

जॉर्डन ने 8 मिसाइलें रोकने का दावा किया

जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने देश के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली आठ मिसाइलों को रोक दिया. जॉर्डन और यूएई में हुए ईरानी हमलों को अमेरिकी कार्रवाई के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है.

इससे पहले रविवार रात अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में लारक द्वीप पर ईरानी रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया था. करीब एक महीने के अंतराल के बाद ईरान के खिलाफ अमेरिकी सेना की यह पहली बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है. इसके बाद ईरान ने भी सीधे जवाब देने का फैसला किया.

छह महीने से चल रहा है तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच पिछले करीब छह महीने से रुक-रुककर सैन्य तनाव जारी है. कुछ समय तक स्थिति शांत रहने के बाद अमेरिकी हमले ने हालात फिर बिगाड़ दिए. ईरानी सेना का कहना है कि अपनी जमीन और लोगों पर हुए हमलों का जवाब देना उसका अधिकार है.

ईरान ने संकेत दिया है कि अमेरिकी हमले को बिना जवाब के नहीं छोड़ा जाएगा. इससे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सहयोगी देशों को लेकर भी चिंता बढ़ गई है.

अमेरिका ने लारक द्वीप पर क्यों किया हमला?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगों के साथ रॉकेट लॉन्च करने की तैयारी करते देखा था. इसके बाद लारक द्वीप पर मौजूद दो ईरानी लॉन्चरों को निशाना बनाया गया.

ईरानी मीडिया के मुताबिक, लारक द्वीप के आसपास धमाकों की आवाजें सुनी गईं. ईरानी पक्ष ने हमले में कई लोगों के मारे जाने और घायल होने की बात कही है, लेकिन नुकसान की सही संख्या अभी सामने नहीं आई है.

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिकी कार्रवाई को ट्रंप प्रशासन की बड़ी रणनीतिक गलती बताया है और चेतावनी दी है कि इस हमले के गंभीर परिणाम हो सकते हैं.

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