ईरान ने दिखाई पाकिस्तान की असली औकात! सीजफायर प्रस्ताव को ठुकराया, कहा - बिचौलियों के जरिए भेजे...

Middile East War: ईरान ने पाकिस्तान की ओर से भेजे गए 15-सूत्रीय शांति प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, जो बिचौलियों के जरिए तेहरान तक पहुंचाया गया था. ईरान का कहना है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए ही युद्धविराम पर किसी भी तरह की बातचीत करेगा.

Iran rejects Pakistan ceasefire proposal middile east war
Image Source: Social Media

Middile East War: ईरान ने पाकिस्तान की ओर से भेजे गए 15-सूत्रीय शांति प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, जो बिचौलियों के जरिए तेहरान तक पहुंचाया गया था. ईरान का कहना है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए ही युद्धविराम पर किसी भी तरह की बातचीत करेगा. यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है, और पाकिस्तान ने एक प्रस्ताव के जरिए दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करने की कोशिश की थी.

पाकिस्तान का प्रस्ताव

न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव में 45 दिनों के सीजफायर की बात कही गई थी, ताकि दोनों देशों के बीच संघर्ष को समाप्त किया जा सके. साथ ही, इस प्रस्ताव में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने का सुझाव भी दिया गया था. यह प्रस्ताव ईरान और अमेरिका दोनों को भेजा गया था, लेकिन ईरान ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, जिससे यह साफ हो गया कि वह इस प्रस्ताव को अस्वीकार करता है.

ईरान का स्पष्ट संदेश

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि तेहरान पहले ही बिचौलियों के माध्यम से अपनी शर्तों और स्थिति को स्पष्ट कर चुका है. उनका कहना था कि ईरान किसी भी तरह के दबाव या धमकियों के तहत बातचीत नहीं करेगा. बगाई ने कहा, "डेडलाइन और युद्ध करने की धमकी, बातचीत के लिए अनुकूल वातावरण नहीं बना सकती. तेहरान की कुछ शर्तें हैं जो उसके राष्ट्रीय हितों से जुड़ी हैं, और इन्हें किसी समझौते के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए." उन्होंने यह भी जोड़ा कि ईरान अपनी मांगों को बिना किसी हिचकिचाहट के सामने रखेगा और इसे आत्मविश्वास की निशानी माना जाना चाहिए, न कि किसी संभावित समझौते के संकेत के रूप में.

डोनाल्ड ट्रंप की धमकी

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 5 अप्रैल 2026 को अपने विशेष अंदाज में एक बार फिर ईरान को धमकी दी. ट्रंप ने कहा कि मंगलवार (7 अप्रैल 2026) को ईरान में पावर प्लांट डे और ब्रिज डे होगा, जो ईरान के पावर प्लांट और पुलों पर हमले की धमकी मानी जा रही है. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है, और 6 अप्रैल को एक समझौते की संभावना है.

ईरान की प्रतिक्रिया

ईरान ने स्पष्ट किया कि वह अमेरिकी दबाव के आगे झुकेगा नहीं. उनका कहना है कि वह अमेरिका को एक डिप्लोमैटिक जवाब तैयार कर चुके हैं और इसका खुलासा सही समय पर किया जाएगा. ईरान ने यह भी कहा कि उनकी शर्तें केवल उनके राष्ट्रीय हितों पर आधारित हैं और किसी भी समझौते की ओर बढ़ने से पहले इसे पूरी तरह से सुनिश्चित किया जाएगा.

ये भी पढ़ें: IRGC को फिर लगा तगड़ा झटका, अमेरिकी-इजरायली हमलों में इंटेलिजेंस चीफ की मौत; जानें इसके मायने