Crude Oil Price: मध्य-पूर्व में जारी युद्ध और ईरान के आसपास बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है और यह 115 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर चुकी है. तेल की कीमतों में आई इस अचानक तेजी ने कई देशों की अर्थव्यवस्थाओं को चिंता में डाल दिया है, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर महंगाई पर पड़ता है.
जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल महंगा होता है, तो परिवहन लागत बढ़ जाती है. इसके कारण माल ढुलाई महंगी हो जाती है और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में भी तेजी देखने को मिलती है. अंततः इसका असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है और कई देशों में महंगाई का दबाव बढ़ जाता है.