Iran-Amazon Tension: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने एक ऐसा दावा किया है जिसने वैश्विक टेक इंडस्ट्री की चिंता बढ़ा दी है. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि उसने बहरीन में मौजूद Amazon Web Services (AWS) के एक प्रमुख डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर को क्रूज मिसाइलों से निशाना बनाया है. हालांकि इस दावे की अभी तक किसी स्वतंत्र एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है और न ही अमेज़न, बहरीन सरकार या अमेरिकी अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है. इसके बावजूद अगर किसी बड़े क्लाउड डेटा सेंटर पर हमला होता है, तो उसका असर सिर्फ एक कंपनी तक सीमित नहीं रहता बल्कि दुनिया भर में हजारों डिजिटल सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं.
ईरान ने क्या दावा किया?
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के अनुसार उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने बहरीन में स्थित Amazon के केंद्रीय डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया. ईरानी दावे में कहा गया है कि क्रूज मिसाइलों से किए गए इस हमले में डेटा सेंटर को नुकसान पहुंचा है. IRGC ने यह भी दावा किया कि बहरीन के मुहर्रक और रिफा क्षेत्रों में मौजूद अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम और रडार ठिकानों को भी निशाना बनाया गया.
अभी तक नहीं हुई आधिकारिक पुष्टि
ईरान के दावे के बावजूद फिलहाल किसी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने इस हमले की पुष्टि नहीं की है. समाचार लिखे जाने तक Amazon, बहरीन सरकार और अमेरिका की ओर से भी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी. ऐसी स्थिति में यह स्पष्ट नहीं है कि वास्तव में डेटा सेंटर को कितना नुकसान पहुंचा है या फिर वहां की सेवाओं पर किसी तरह का प्रभाव पड़ा है.
अमेरिका की कार्रवाई के जवाब में हमला करने का दावा
IRGC का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिका की हालिया सैन्य कार्रवाई के जवाब में की गई है. ईरान के मुताबिक, अमेरिका ने एक दिन पहले डारखोविन क्षेत्र में बन रहे परमाणु संयंत्र से जुड़े ठिकानों पर हमला किया था. इसी के जवाब में अमेरिका के हितों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया.
AWS डेटा सेंटर क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
बहरीन Amazon Web Services (AWS) के लिए मध्य पूर्व का एक अहम हब माना जाता है. यहां से कंपनी का मिडिल ईस्ट क्लाउड रीजन संचालित होता है. दुनिया भर की अनेक कंपनियां अपनी वेबसाइट, मोबाइल ऐप, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, बैंकिंग सेवाएं और क्लाउड आधारित सिस्टम AWS पर चलाती हैं. ऐसे में यदि किसी बड़े डेटा सेंटर को नुकसान पहुंचता है तो कई डिजिटल सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. हालांकि अभी तक किसी भी बड़े सर्विस डिसरप्शन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
डेटा सेंटर पर हमला क्यों माना जाता है गंभीर?
आधुनिक डिजिटल दुनिया में डेटा सेंटर किसी भी टेक कंपनी की रीढ़ माने जाते हैं. इनमें बड़ी मात्रा में डेटा स्टोर होता है और यहीं से क्लाउड सेवाओं का संचालन किया जाता है. अगर किसी डेटा सेंटर पर हमला सफल हो जाए तो उससे हजारों कंपनियों की ऑनलाइन सेवाएं, वेबसाइट, ऐप और बिजनेस ऑपरेशन प्रभावित हो सकते हैं. यही वजह है कि साइबर और सैन्य संघर्षों के दौरान डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर को रणनीतिक लक्ष्य माना जाता है.
पहले भी टेक इंफ्रास्ट्रक्चर बने हैं निशाना
हाल के वर्षों में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के दौरान कई बार टेक इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर संभावित निशाने पर रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हमलों का उद्देश्य केवल भौतिक नुकसान पहुंचाना नहीं बल्कि अधिक से अधिक डिजिटल सेवाओं को बाधित करना भी होता है.
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