ईरान पर बम बरसाएगा अमेरिका? F-22 और F-35 फाइटर जेट्स से कर दी फिल्डिंग सेट, तेहरान ने जारी किया NOTAM

Iran America Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, ईरान ने अपनी रक्षा तैयारियों को और भी मजबूत कर दिया है. हाल ही में ईरान ने पूरे देश में नोटम (NOTAM) लागू कर दिया है, जिसके कारण पूरे देश को नो-फ्लाई जोन घोषित कर दिया गया है.

Iran America Tension us surrounds it with F-22 and F-35 fighter jets
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Iran America Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, ईरान ने अपनी रक्षा तैयारियों को और भी मजबूत कर दिया है. हाल ही में ईरान ने पूरे देश में नोटम (NOTAM) लागू कर दिया है, जिसके कारण पूरे देश को नो-फ्लाई जोन घोषित कर दिया गया है. यह कदम रॉकेट परीक्षण के लिए उठाया गया है, लेकिन इसके साथ ही अमेरिका ने भी अपनी सैन्य ताकत का इज़हार करते हुए ईरान के आस-पास अपने फाइटर जेट्स और युद्धपोत तैनात कर दिए हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या अमेरिका ईरान पर हमला करने जा रहा है? और अगर ऐसा होता है तो इसके परिणाम क्या हो सकते हैं?

अमेरिका ने तैनात किए F-35 और F-22 जेट्स

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने अपने अत्याधुनिक F-35 और F-22 जैसे फाइटर जेट्स को ईरान के करीब तैनात कर दिया है. इन जेट्स के साथ-साथ, अमेरिका ने दो बड़े युद्धपोतों – यूएसएस अब्राहम लिंकन और यूएसएस गेराल्ड आर – को भी मध्य-पूर्व क्षेत्र में भेज दिया है. इन युद्धपोतों में से एक ईरान के बेहद पास और दूसरा मिडिल ईस्ट में दाखिल हो चुका है. अमेरिका का यह कदम ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की ओर इशारा करता है, और खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका इस हफ्ते के अंत तक ईरान पर हमला कर सकता है.

क्या होगा डोनाल्ड ट्रंप का अगला कदम?

अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अगला कदम क्या होगा. क्या वह ईरान पर हमले का आदेश देंगे या फिर किसी और रणनीतिक रास्ते पर चलेंगे? ट्रंप ने पहले ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम और खामेनेई की सरकार पर अपनी नाराजगी जाहिर की है, लेकिन इस बीच कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने कहा है कि किसी भी सैन्य कार्रवाई से बचना चाहिए. यह स्थिति बेहद जटिल है, और अगर अमेरिका हमला करता है तो इसका परिणाम एक लंबे संघर्ष के रूप में सामने आ सकता है.

ईरान के साथ मतभेद जारी

हालांकि, इस सप्ताह के शुरू में अमेरिका और ईरान के बीच जिनेवा में बातचीत के दौर की खबरें आई थीं, लेकिन अब तक दोनों देशों के बीच कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बताया कि कुछ मुद्दों पर सहमति बनी थी, लेकिन ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की शर्तों को मानने से इनकार कर दिया. यह स्थिति दोनों देशों के बीच रिश्तों को और भी तनावपूर्ण बना रही है. ऐसे में संभावना है कि बातचीत के रास्ते से ज्यादा सैन्य विकल्पों पर ध्यान दिया जाए.

खामेनेई की चेतावनी, क्या ईरान जवाब देगा?

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला खामेनेई ने 1 फरवरी 2026 को अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर अमेरिका ने हमला किया, तो यह एक व्यापक युद्ध का रूप ले सकता है. खामेनेई ने यह भी कहा कि ईरानी जनता किसी भी धमकी से नहीं डरती और अगर कोई देश ईरान पर हमला करता है, तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा. खामेनेई के इस बयान ने युद्ध की आशंका को और भी बढ़ा दिया है, जिससे यह साफ हो जाता है कि ईरान किसी भी प्रकार की सैन्य आक्रामकता को स्वीकार नहीं करेगा.

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