AI Impact Summit: पीएम मोदी ने AI समिट का किया उद्घाटन, मैक्रों बोले- 10 साल में बहुत कुछ बदला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 फरवरी को राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन किया.

PM Modi inaugurates AI Impact Summit in Bharat Mandapam
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AI Impact Summit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 फरवरी को राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन किया. इस बड़े कार्यक्रम में दुनिया के कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष, मंत्री और टेक्नोलॉजी जगत के प्रमुख लोग शामिल हुए.

समिट में इमैनुएल मैक्रों, लूला डी सिल्वा, एंटोनियो गुटेरेस, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, अनुरा कुमारा दिसानायके और नवीनचंद्र रामगुलाम समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे. इस सम्मेलन में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जबकि केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार 118 देशों की भागीदारी दर्ज की गई.

10 साल में बड़ा बदलाव: मैक्रों

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपने संबोधन की शुरुआत ‘नमस्ते’ कहकर की. उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत में बड़ा बदलाव आया है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले मुंबई का एक स्ट्रीट वेंडर बैंक खाता नहीं खोल पाता था, लेकिन आज वही व्यक्ति मोबाइल से डिजिटल पेमेंट ले रहा है. उन्होंने भारत में डिजिटल बदलाव की सराहना की.

तकनीक सबके लिए हो: अश्विनी वैष्णव

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह ग्लोबल साउथ का पहला और अब तक का सबसे बड़ा AI सम्मेलन है. उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य तकनीक को आम लोगों तक पहुंचाना है, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति को भी इसका लाभ मिले.

उन्होंने कहा कि सरकार तकनीक को लोकतांत्रिक बनाने और बड़े स्तर पर लागू करने पर काम कर रही है. कंप्यूटिंग संसाधनों को ‘पब्लिक गुड’ मानते हुए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए एक कॉमन कंप्यूट प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है. इसके तहत स्टार्टअप्स, रिसर्चर्स, छात्रों और शिक्षण संस्थानों को सस्ती दरों पर 38,000 GPUs उपलब्ध कराए जा रहे हैं. आने वाले समय में इसमें 20,000 और GPUs जोड़े जाएंगे.

अश्विनी वैष्णव ने यह भी कहा कि AI के फायदे के साथ उसके खतरों को कम करने के लिए भी मिलकर काम करना जरूरी है. उनका कहना था कि AI का विकास इंसानी सुरक्षा और सम्मान को ध्यान में रखकर होना चाहिए.

भारत AI को लेकर उत्साहित: एन चंद्रशेखरन

एन चंद्रशेखरन ने कहा कि भारत AI को लेकर आशावादी देश है. उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल आइडेंटिटी सिस्टम बनाया है, जिसमें लगभग 1.4 बिलियन लोग जुड़े हैं. उन्होंने भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धियों का जिक्र किया.

दुनियाभर के दिग्गजों की मौजूदगी

AI इम्पैक्ट समिट 2026 में 110 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि, 20 से अधिक देशों के प्रमुख, 30 अंतरराष्ट्रीय संगठन और 500 से ज्यादा AI लीडर शामिल हुए. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुंदर पिचाई से भी मुलाकात की थी.

यह सम्मेलन AI के भविष्य, उसके उपयोग और उससे जुड़े जोखिमों पर वैश्विक स्तर पर चर्चा के लिए एक बड़ा मंच बनकर उभरा है.

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