India-UK FTA: भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट आज से लागू, मिलेगा ड्यूटी-फ्री एक्सेस, क्या होगा सस्ता?

भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) आज से लागू हो गया है. लंबे समय तक चली बातचीत के बाद दोनों देशों ने इस समझौते को लागू किया है.

India-UK FTA Free Trade Agreement comes into effect today duty-free access granted
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India-UK FTA: भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) आज से लागू हो गया है. लंबे समय तक चली बातचीत के बाद दोनों देशों ने इस समझौते को लागू किया है. इससे भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार बढ़ने की उम्मीद है. भारतीय कंपनियों को ब्रिटेन में अपना सामान बेचने में आसानी होगी, जबकि कई ब्रिटिश उत्पाद भी भारत में पहले के मुकाबले कम शुल्क पर आ सकेंगे.

भारत के सामान पर नहीं लगेगी ड्यूटी

इस समझौते के तहत भारत के ज्यादातर सामान को ब्रिटेन के बाजार में बिना आयात शुल्क के भेजा जा सकेगा. इससे भारतीय कंपनियों का खर्च कम होगा और उनके लिए वहां कारोबार बढ़ाना आसान होगा.

इसका सबसे ज्यादा फायदा कपड़ा, चमड़ा, जूते, समुद्री उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान, रसायन और प्रोसेस्ड फूड जैसे सेक्टर को मिलने की उम्मीद है.

इन सेक्टरों की बढ़ सकती है कमाई

विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ा मौका है. खासकर उन उद्योगों को फायदा होगा जहां भारत पहले से मजबूत स्थिति में है.

गारमेंट्स, टेक्सटाइल, लेदर, फुटवियर, सीफूड, प्रोसेस्ड फूड और कुछ कृषि उत्पादों का निर्यात बढ़ सकता है. हालांकि सिर्फ टैक्स कम होने से काम नहीं चलेगा. कंपनियों को अच्छी क्वालिटी, सही सर्टिफिकेशन और ब्रिटेन के नियमों का भी पालन करना होगा.

अभी भी कारोबार बढ़ाने की बड़ी गुंजाइश

ब्रिटेन हर साल दुनिया भर से बड़ी मात्रा में सामान खरीदता है, लेकिन उसमें भारत की हिस्सेदारी अभी काफी कम है. ऐसे में भारतीय कंपनियों के पास अपना कारोबार बढ़ाने का अच्छा मौका है.

प्रोसेस्ड फूड ऐसा क्षेत्र है जहां भारत अभी भी अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं कर पाया है. आने वाले समय में इस सेक्टर में तेजी देखने को मिल सकती है.

सेवा क्षेत्र को भी मिलेगा फायदा

इस समझौते का फायदा सिर्फ सामान बेचने वाली कंपनियों को ही नहीं मिलेगा, बल्कि आईटी, फाइनेंशियल सर्विस, हेल्थकेयर और एजुकेशन सेक्टर से जुड़े भारतीय पेशेवरों को भी लाभ होने की उम्मीद है.

इसके अलावा भारतीय शेफ, योग प्रशिक्षक और शास्त्रीय संगीत से जुड़े कलाकारों के लिए भी ब्रिटेन में काम करने के नए अवसर खुल सकते हैं.

भारतीय प्रोफेशनल्स को बड़ी राहत

समझौते के साथ सोशल सिक्योरिटी से जुड़ा नया नियम भी लागू हुआ है. अब ब्रिटेन में अस्थायी तौर पर काम करने वाले भारतीय पेशेवरों को पहले की तुलना में ज्यादा समय तक सोशल सिक्योरिटी में छूट मिलेगी. इससे कर्मचारियों और कंपनियों दोनों का खर्च कम होगा.

ब्रिटिश कारें भी होंगी सस्ती

इस समझौते के तहत ब्रिटेन से आने वाली कारों पर लगने वाली आयात ड्यूटी भी धीरे-धीरे कम की जाएगी. अगले कुछ वर्षों में यह शुल्क चरणबद्ध तरीके से घटेगा. इससे भविष्य में कुछ ब्रिटिश कारें भारतीय बाजार में पहले से कम कीमत पर मिल सकती हैं.

चुनौतियां अब भी बाकी

विशेषज्ञों का कहना है कि यह समझौता भारत के लिए बड़ा मौका जरूर है, लेकिन सफलता सिर्फ टैक्स कम होने से नहीं मिलेगी.

भारतीय कंपनियों को ब्रिटेन के सख्त गुणवत्ता नियम, फूड सेफ्टी, सर्टिफिकेशन और दूसरे तकनीकी मानकों को पूरा करना होगा. अगर कंपनियां इन नियमों का पालन नहीं करती हैं तो समझौते का पूरा फायदा नहीं मिल पाएगा.

अब होगी असली परीक्षा

विशेषज्ञों का मानना है कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का असली असर आने वाले वर्षों में दिखाई देगा. अगर भारतीय कंपनियां बेहतर गुणवत्ता, मजबूत सप्लाई चेन और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर काम करेंगी तो ब्रिटेन के बाजार में उनकी हिस्सेदारी तेजी से बढ़ सकती है. इससे भारत के निर्यात, कारोबार और रोजगार को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है.

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