'वो आगे बढ़ रहे और हमारा देश भीख मांग रहा', भारत की नई राफेल डील से घबरा गया पाकिस्तान; दे रहा ऐसे बयान

भारत ने फ्रांस से 26 राफेल मरीन लड़ाकू विमान खरीदने की बड़ी डील को मंजूरी दे दी है. इस डील की कीमत 63,000 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है. जल्दी ही इस समझौते पर आधिकारिक तौर पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है. इस डील के तहत भारतीय नौसेना को 22 सिंगल-सीटर और 4 ट्विन-सीटर राफेल मरीन जेट मिलेंगे.

'वो आगे बढ़ रहे और हमारा देश भीख मांग रहा', भारत की नई राफेल डील से घबरा गया पाकिस्तान; दे रहा ऐसे बयान
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भारत ने फ्रांस से 26 राफेल मरीन लड़ाकू विमान खरीदने की बड़ी डील को मंजूरी दे दी है. इस डील की कीमत 63,000 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है. जल्दी ही इस समझौते पर आधिकारिक तौर पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है. इस डील के तहत भारतीय नौसेना को 22 सिंगल-सीटर और 4 ट्विन-सीटर राफेल मरीन जेट मिलेंगे. इसके साथ ही भारत को एक बड़ा पैकेज भी मिलेगा जिसमें शामिल होंगे 

  • विमान की मेंटेनेंस (रख-रखाव)
  • लॉजिस्टिक सपोर्ट
  • ट्रेनिंग की सुविधा
  • भारत में कुछ पार्ट्स का निर्माण (मैन्युफैक्चरिंग)

पाकिस्तानी एक्सपर्ट कमर चीमा की प्रतिक्रिया

पाकिस्तानी मामलों के जानकार कमर चीमा ने इस डील पर अपने यूट्यूब चैनल ‘द कमर चीमा शो’ पर बात की. उन्होंने कहा कि ये डील बताती है कि भारत अपनी सेना और नौसेना को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. खासकर, वह चीन की ताकत का मुकाबला करने की तैयारी कर रहा है ताकि वह हिंद महासागर में ड्रैगन (चीन) को टक्कर दे सके.

कमर चीमा ने कहा, “भारत फ्रांस से 7 अरब डॉलर की डील कर रहा है, जबकि पाकिस्तान एक-एक अरब डॉलर के लिए भी दूसरे देशों से मदद मांग रहा है.” उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपने रक्षा सिस्टम को मॉडर्न बना रहा है, जबकि पाकिस्तान अभी भी आर्थिक संकट से जूझ रहा है.

तीन मोर्चों पर भारत को खतरा: चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश

कमर चीमा का मानना है कि भारत आज तीन ओर से खतरों से घिरा है – चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश. इसलिए भारत अपनी सैन्य ताकत और नेवी पावर को मजबूत कर रहा है.

भारत को कब मिलेंगे ये फाइटर जेट्स?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCS) ने इस डील को हरी झंडी दी है.
इन राफेल मरीन जेट्स को भारत के अपने बनाए हुए विमानवाहक पोतों (जैसे INS विक्रांत) पर तैनात किया जाएगा. इससे भारत की नौसेना की हवाई ताकत और भी बढ़ जाएगी. राफेल मरीन, भारत में पहले से मौजूद राफेल जेट्स से ज्यादा एडवांस हैं. इनका इंजन ज्यादा ताकतवर होता है और ये समुद्र में ऑपरेशन के लिए खास बनाए गए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, इन फाइटर जेट्स की डिलीवरी 2029 के आखिर से शुरू होगी. 2031 तक पूरा बेड़ा भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल हो जाएगा.