'भासेशेल्स का एक पक्का दोस्त'; PM मोदी ने द्विपक्षीय संबंधों को सराहा, बोले- हमारा सबसे भरोसेमंद समुद्री साझेदार

PM Modi Seychelles visit: तीन दिवसीय राजकीय दौरे पर सेशेल्स पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में सेशेल्स भारत का भरोसेमंद समुद्री साझेदार और करीबी मित्र है. इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी और विकास सहयोग को नई गति देने पर जोर दिया गया.

India is a steadfast friend of Seychelles PM Modi lauds bilateral ties
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PM Modi Seychelles visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिन के आधिकारिक दौरे पर सेशेल्स पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया. यह यात्रा राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के आमंत्रण पर हो रही है और 27 से 29 जून तक चलेगी. प्रधानमंत्री इस दौरान सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. सेशेल्स पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि यह हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार और विश्वसनीय मित्र है. उन्होंने भरोसा जताया कि यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई देगा और आपसी सहयोग को और मजबूत करेगा.

भारत-सेशेल्स की दोस्ती पर पीएम मोदी का भरोसा

राजकीय भोज को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और सेशेल्स के संबंध वर्षों से विश्वास, सहयोग और आपसी सम्मान पर आधारित रहे हैं. उन्होंने कहा कि दोनों देशों की मित्रता समय के साथ और मजबूत हुई है तथा भविष्य में भी विकास और सुरक्षा के क्षेत्रों में मिलकर आगे बढ़ने का संकल्प जारी रहेगा. इस कार्यक्रम में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर, सेशेल्स सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री, संसद के प्रतिनिधि और अन्य उच्च अधिकारी भी मौजूद रहे.

50 साल पुराने रिश्तों को मिलेगी नई दिशा

भारत और सेशेल्स के बीच वर्ष 1976 में राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे. तब से दोनों देशों ने रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, समुद्री सुरक्षा और क्षमता निर्माण जैसे अनेक क्षेत्रों में मिलकर काम किया है. प्रधानमंत्री की यह यात्रा दोनों देशों के बीच 50 वर्षों की कूटनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

सेशेल्स को मिला 'मेड इन इंडिया' फास्ट पेट्रोल वेसल

दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स कोस्ट गार्ड को भारत में निर्मित तेज गश्ती पोत 'लेस्पवार' सौंपा. उन्होंने कहा कि यह कदम दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और समुद्री सुरक्षा साझेदारी को और मजबूत करेगा. प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर भी कहा कि यह पोत सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा क्षमता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा और हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग को नई मजबूती देगा.

एंबुलेंस, यूटिलिटी वाहन और नावें भी कीं भेंट

भारत ने सेशेल्स को छह आधुनिक एंबुलेंस, दस यूटिलिटी वाहन और पांच लेजर रेडियल नावें भी सौंपीं. इन संसाधनों का उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं, आपदा प्रबंधन और समुद्री गतिविधियों को बेहतर बनाने में किया जाएगा. इससे दोनों देशों के विकास सहयोग को भी नया आयाम मिलने की उम्मीद है.

एयरपोर्ट पर हुआ पारंपरिक स्वागत

सेशेल्स इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी और वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रधानमंत्री मोदी का औपचारिक स्वागत किया. उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' भी दिया गया. स्वागत समारोह के दौरान स्थानीय सांस्कृतिक कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं, जिनमें भारतीय संस्कृति की झलक भी दिखाई दी. एयरपोर्ट के बाहर बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग मौजूद रहे. प्रधानमंत्री ने उनसे मुलाकात की और उनका अभिवादन स्वीकार किया. 

विशाल कछुओं को खिलाया चारा, संरक्षण केंद्र का किया दौरा

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ सेशेल्स नेशनल बॉटनिकल गार्डन स्थित कछुआ संरक्षण केंद्र का भी दौरा किया. यहां उन्होंने लगभग 194 वर्ष पुराने विशाल कछुए 'जोनाथन' को चारा खिलाया. उन्होंने कहा कि अल्डाब्रा जाइंट टॉर्टॉइस दुनिया के सबसे बड़े और सबसे अधिक आयु वाले कछुओं में शामिल हैं और यह सेशेल्स की प्राकृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. प्रधानमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि सेशेल्स ने पहले भारत के कोलकाता स्थित अलीपुर चिड़ियाघर और बाद में हैदराबाद चिड़ियाघर को भी ऐसे विशाल कछुए उपहार स्वरूप दिए थे, जो दोनों देशों की मित्रता का प्रतीक हैं.

'कोको डी मेर' का पौधा लगाकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति हर्मिनी ने बॉटनिकल गार्डन में संयुक्त रूप से 'कोको डी मेर' का पौधा भी लगाया. यह दुर्लभ वृक्ष केवल सेशेल्स में पाया जाता है और अपने विशाल बीजों व भारी फलों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है. यह सेशेल्स के राष्ट्रीय प्रतीकों में भी शामिल है.

हिंद महासागर में भारत के लिए क्यों अहम है सेशेल्स?

रणनीतिक दृष्टि से सेशेल्स हिंद महासागर में भारत का महत्वपूर्ण साझेदार माना जाता है. इसकी भौगोलिक स्थिति अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों के बेहद करीब है, जिससे समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता में इसकी भूमिका बढ़ जाती है. भारत अपने 'महासागर (MAHASAGAR) विजन' के तहत सेशेल्स के साथ समुद्री निगरानी, समुद्री डकैती रोकने, ब्लू इकोनॉमी, जलवायु परिवर्तन और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में लगातार सहयोग बढ़ा रहा है.

लोकतांत्रिक मूल्यों और रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी मजबूती

इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स की राष्ट्रीय सभा को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री भी बनेंगे. इसे दोनों देशों के लोकतांत्रिक संबंधों और संसदीय परंपराओं के बीच बढ़ते विश्वास का प्रतीक माना जा रहा है. भारत और सेशेल्स की लगभग पांच दशक पुरानी मित्रता साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, सांस्कृतिक जुड़ाव और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने की साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है. प्रधानमंत्री की यह यात्रा भविष्य में रक्षा, व्यापार, समुद्री सुरक्षा और विकास सहयोग को नई गति देने वाली महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है.

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