पाकिस्तान के बेस्ट फ्रेंड तुर्की की टेंशन बढ़ाएगा 'आईएनएस त्रिकंद', सबसे बड़े दुश्मन के साथ किया महायुद्धाभ्यास

भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस त्रिकंद ने हाल ही में ग्रीस का दौरा कर यूनानी नौसेना के साथ एक साझा अभ्यास में भाग लिया. इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य था. दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच समन्वय और पनडुब्बी रोधी युद्धक क्षमताओं को मजबूत करना.

India Greece anti submarine naval excercise New tension for turkey
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भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस त्रिकंद ने हाल ही में ग्रीस का दौरा कर यूनानी नौसेना के साथ एक साझा अभ्यास में भाग लिया. इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य था. दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच समन्वय और पनडुब्बी रोधी युद्धक क्षमताओं को मजबूत करना.

यह अभ्यास ऐसे समय हुआ है जब तुर्की और ग्रीस के बीच पूर्वी भूमध्यसागर में द्वीपों को लेकर पुराने तनाव फिर से सिर उठा रहे हैं. तुर्की, जो पाकिस्तान का करीबी सहयोगी है और कश्मीर के मुद्दे पर भारत विरोधी रुख अपनाता रहा है, इस नौसैनिक साझेदारी से असहज हो सकता है.

आईएनएस त्रिकंद की रणनीतिक यात्रा

आईएनएस त्रिकंद की यह यात्रा 13 से 18 सितंबर के बीच आयोजित की गई थी. अभ्यास के दौरान दोनों देशों की नौसेनाओं ने पनडुब्बी रोधी अभियानों में अपने अनुभव साझा किए और संयुक्त संचालन की क्षमता को परखा. जहाज के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन सचिन कुलकर्णी ने बताया कि यह अभ्यास भारत और ग्रीस के बीच मजबूत होते रणनीतिक और रक्षा संबंधों का प्रतीक है.

नौसैनिक रिश्तों में आ रही मजबूती

भारत और ग्रीस के रक्षा संबंधों में हाल के वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है. पिछले वर्ष भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने एथेंस का दौरा कर ग्रीक नौसेना प्रमुख वाइस एडमिरल दिमित्रियोस ई. कटारस और अन्य वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों से मुलाकात की थी. इसके अलावा, अगस्त 2025 में भारतीय नौसैनिक जहाज आईएनएस तमाल ने भी ग्रीस के सौदा बंदरगाह का दौरा किया था, जहां दोनों देशों की सेनाओं के बीच संयुक्त परिचालन चर्चा और गतिविधियां हुईं.

तुर्की को क्यों है चिंता?

तुर्की और ग्रीस के बीच दशकों से चले आ रहे भू-राजनीतिक तनावों के बीच भारत और ग्रीस की बढ़ती नजदीकी अंकारा को असहज कर सकती है. तुर्की न केवल पाकिस्तान का खुला समर्थक रहा है, बल्कि तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन कई बार कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाकर भारत के लिए कूटनीतिक चुनौती पैदा कर चुके हैं. भारत-ग्रीस की बढ़ती सामरिक साझेदारी को इस क्षेत्र में एक नई रणनीतिक दिशा के रूप में देखा जा रहा है.

मध्य पूर्व में भी सक्रिय है आईएनएस त्रिकंद

आईएनएस त्रिकंद इससे पहले मिस्र में आयोजित बहुपक्षीय सैन्य अभ्यास ब्राइट स्टार 2025 में भी हिस्सा ले चुका है. यह अभ्यास अमेरिकी मध्य कमान (CENTCOM) और मिस्र की सेना द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाता है और इसे मध्य पूर्व का सबसे बड़ा और सबसे पुराना सैन्य अभ्यास माना जाता है. ब्राइट स्टार में भागीदारी से यह स्पष्ट होता है कि भारत अब केवल हिंद महासागर क्षेत्र तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि वैश्विक रक्षा मंचों पर अपनी भागीदारी को और सशक्त बना रहा है.

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