PM मोदी ने जर्मन चांसलर से की बात, निवेश से लेकर रक्षा तक... इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति

भारत और जर्मनी के बीच राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच फोन पर अहम बातचीत हुई.

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नई दिल्ली: भारत और जर्मनी के बीच राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच फोन पर अहम बातचीत हुई. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि दोनों देशों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई है.

कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि बातचीत के दौरान व्यापार और निवेश, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, एडवांस टेक्नोलॉजी और टैलेंट मोबिलिटी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी. उन्होंने कहा कि जर्मनी, यूरोप के साथ भारत के संबंधों का एक अहम स्तंभ है और वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण साझेदार है. दोनों देश अपने लोगों के फायदे के लिए रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए मिलकर काम करेंगे.

सबमरीन डील से रक्षा सहयोग को नई दिशा

भारत और जर्मनी के बीच इंडस्ट्री, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए जुलाई 2026 में इंडो-जर्मन चैंबर ऑफ कॉमर्स (IGCC) ने इंडस्ट्री डायलॉग 2026 का आयोजन किया था. इसमें एआई, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और रिसर्च एंड डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों पर चर्चा हुई थी. इसी बीच पिछले महीने भारत-जर्मनी सबमरीन डील की खबर सामने आई थी.

6 पनडुब्बियां भारत में बनाने की तैयारी

रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 8 अरब यूरो यानी 90,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की इस डील के तहत भारतीय नौसेना के लिए भारत में ही अगली पीढ़ी की 6 पारंपरिक पनडुब्बियां बनाई जाएंगी. मुंबई की मजगांव डॉक (MDL) और जर्मनी की थिसेनक्रुप (TKMS) मिलकर इन पनडुब्बियों का निर्माण करेंगी. इससे दोनों देशों के बीच रक्षा और तकनीकी सहयोग को और मजबूती मिलने की उम्मीद है.

50 अरब डॉलर से ज्यादा का व्यापार

जर्मनी यूरोप में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और दोनों देशों के बीच हर साल 50 अरब डॉलर से ज्यादा का ट्रेड वॉल्यूम है. कारोबार के लिहाज से भी जर्मनी भारत के अहम साझेदारों में शामिल है. भारत और जर्मनी अपनी द्विपक्षीय साझेदारी के तहत रणनीतिक, आर्थिक, तकनीकी और कूटनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को लगातार मजबूत कर रहे हैं.

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