वैश्विक तनाव के बीच भारत का जलवा बरकरार, इस एजेंसी ने बढ़ाया GDP ग्रोथ का अनुमान; जानें पूरी डिटेल

Fitch Ratings India GDP: अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसी Fitch Ratings ने भारत की आर्थिक वृद्धि के अनुमान में बढ़ोतरी की है. एजेंसी के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी वृद्धि दर करीब 7.5 प्रतिशत रह सकती है, जबकि अगले वित्त वर्ष के लिए 6.7 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया गया है.

India continues to shine amid global tensions Fitch Ratings raises GDP growth estimate
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

Fitch Ratings India GDP: अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसी Fitch Ratings ने भारत की आर्थिक वृद्धि के अनुमान में बढ़ोतरी की है. एजेंसी के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी वृद्धि दर करीब 7.5 प्रतिशत रह सकती है, जबकि अगले वित्त वर्ष के लिए 6.7 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया गया है. पहले दिसंबर में एजेंसी ने चालू वित्त वर्ष के लिए 7.4 प्रतिशत और अगले वर्ष के लिए 6.4 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान जताया था.

फिच के अनुसार अगले वित्त वर्ष के पहले छह महीनों में आर्थिक वृद्धि की गति थोड़ी धीमी हो सकती है. इसकी मुख्य वजह बढ़ती महंगाई मानी जा रही है, जिससे लोगों की वास्तविक आय और खर्च करने की क्षमता पर असर पड़ सकता है. आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही, जबकि इससे पहले सितंबर तिमाही में यह 8.4 प्रतिशत थी.

घरेलू मांग से मिलेगी अर्थव्यवस्था को मजबूती

फिच का मानना है कि आने वाले समय में भारत की अर्थव्यवस्था को सबसे ज्यादा सहारा घरेलू मांग से मिलेगा. अनुमान के मुताबिक उपभोक्ता खर्च में लगभग 8.6 प्रतिशत और निवेश में करीब 6.9 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है.

एजेंसी की रिपोर्ट ग्लोबल इकनॉमिक आउटलुक मार्च 2026 में कहा गया है कि यदि ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण ऊर्जा की कीमतों में बहुत ज्यादा और लंबे समय तक बढ़ोतरी नहीं होती है, तो वर्ष 2026 में वैश्विक जीडीपी वृद्धि लगभग 2.6 प्रतिशत रह सकती है. पिछले वर्ष यह करीब 2.7 प्रतिशत थी.

कच्चे तेल की कीमतों को लेकर अनुमान

फिच रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री Brian Coulton के अनुसार यदि कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचकर लंबे समय तक बनी रहती है, तो इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है. एजेंसी के मुताबिक फरवरी के अंत में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमलों के बाद ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत लगभग 20 डॉलर बढ़कर करीब 90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास स्थिति लगभग एक महीने तक प्रभावित रह सकती है, जिसके कारण मार्च के दौरान तेल की कीमत 90 से 100 डॉलर प्रति बैरल के बीच रह सकती है. इसके बाद वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में कीमत घटकर करीब 60 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकती है. इसी आधार पर एजेंसी ने वर्ष 2026 में कच्चे तेल की औसत कीमत लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान लगाया है, जो पहले के अनुमान से अधिक है.

भारतीय अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूत

फिच के अनुसार हाल के महीनों में कुछ आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार थोड़ी धीमी जरूर हुई है, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूत बनी हुई है. एजेंसी का कहना है कि देश में कर्ज यानी ऋण वृद्धि की दर अब भी दो अंकों में बनी हुई है, जो आर्थिक गतिविधियों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.

हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पश्चिम एशिया में लंबे समय तक तनाव बना रहने या तेल आपूर्ति में बाधा आने की स्थिति वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम पैदा कर सकती है.

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