Hockey World Cup 2026: भारतीय हॉकी टीम ने FIH हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए 20 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है. चयनकर्ताओं ने अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं के संतुलन पर भरोसा जताया है, जबकि हाल ही में यूरोप प्रो लीग में खेलने वाले चार अहम खिलाड़ियों को इस बार टीम में जगह नहीं मिली है. पिछले कुछ वर्षों में बड़े टूर्नामेंटों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने वाली भारतीय टीम इस बार इतिहास बदलने के इरादे से मैदान में उतरेगी. कप्तानी की जिम्मेदारी एक बार फिर स्टार ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह के कंधों पर होगी.
हरमनप्रीत सिंह के नेतृत्व में उतरेगी टीम इंडिया
भारतीय हॉकी टीम की कमान अनुभवी डिफेंडर और स्टार ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह को सौंपी गई है. उन्होंने पेरिस ओलंपिक 2024 में टीम को कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. उनके नेतृत्व में भारतीय टीम से इस बार बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है. मिडफील्ड में अनुभवी मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह और विवेक सागर प्रसाद जैसे खिलाड़ी टीम को मजबूती देंगे. वहीं गोलकीपिंग की जिम्मेदारी मोहित एचएस और सूरज करकेरा संभालेंगे.
इन चार खिलाड़ियों को नहीं मिली जगह
टीम चयन में कुछ बड़े फैसले भी देखने को मिले हैं. यूरोप प्रो लीग में भारतीय टीम का हिस्सा रहे डिफेंडर अमनदीप लकरा, मिडफील्डर राज कुमार पाल और रबीचंद्र सिंह मोइरांगथेम तथा फॉरवर्ड सेल्वम कार्थी को इस बार टीम में शामिल नहीं किया गया है. इन खिलाड़ियों का बाहर होना चयन समिति के सबसे चर्चित फैसलों में से एक माना जा रहा है. हालिया प्रदर्शन को देखते हुए टीम प्रबंधन ने नए संयोजन के साथ उतरने का फैसला किया है.
प्रो लीग में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद बड़ी चुनौती
भारत का हालिया प्रदर्शन FIH प्रो लीग में उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. टीम ने पूरे अभियान में केवल चार मुकाबले जीते, पांच मैच ड्रॉ खेले और सात मुकाबलों में हार का सामना किया. इसी वजह से भारतीय टीम अंक तालिका में आठवें स्थान पर रही. अब विश्व कप में टीम के सामने अपनी गलतियों से सीख लेकर बेहतर प्रदर्शन करने की चुनौती होगी. खिलाड़ियों के लिए यह टूर्नामेंट खुद को साबित करने का भी बड़ा अवसर माना जा रहा है.
इतिहास दोहराने की कोशिश करेगी भारतीय टीम
भारतीय हॉकी टीम ने अब तक केवल एक बार हॉकी विश्व कप का खिताब जीता है. साल 1975 में भारत ने विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था. इसके बाद टीम विश्व कप में कोई पदक नहीं जीत सकी है. वहीं, 2023 विश्व कप में भारत का अभियान निराशाजनक रहा था और टीम नौवें स्थान पर रही थी. ऐसे में इस बार भारतीय टीम पुराने गौरव को वापस हासिल करने के इरादे से मैदान में उतरेगी.
पूल डी में भारत के सामने होगी कड़ी चुनौती
इस बार भारत को पूल डी में इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स जैसी मजबूत टीमों के साथ रखा गया है. ग्रुप चरण के सभी मुकाबले नीदरलैंड के एमस्टेलवीन में खेले जाएंगे. भारत अपना पहला मुकाबला 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ खेलेगा. इसके बाद 17 अगस्त को इंग्लैंड से भिड़ंत होगी, जबकि 19 अगस्त को चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ हाई-वोल्टेज मुकाबला खेला जाएगा. इन तीनों मैचों पर हॉकी प्रेमियों की खास नजर रहेगी.
अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का संतुलित संयोजन
टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ कई युवा चेहरों को भी मौका दिया गया है. डिफेंस में हरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, सुमित, जरमनप्रीत सिंह और यशदीप सिवाच शामिल हैं. मिडफील्ड में मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, विवेक सागर प्रसाद, राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालगे और नीलकंठ शर्मा टीम की जिम्मेदारी संभालेंगे. वहीं फॉरवर्ड लाइन में मंदीप सिंह, दिलप्रीत सिंह, अभिषेक, सुखजीत सिंह और शिलानंद लाकड़ा गोल करने की जिम्मेदारी निभाएंगे. भारतीय टीम का यह संतुलित संयोजन अनुभव और युवा जोश का बेहतरीन मेल माना जा रहा है. अब देखना होगा कि विश्व कप में यह टीम 51 साल पुराने इतिहास को दोहराने में कितनी सफल होती है.
ये भी पढ़ें- IND VS ZIM: जिम्बाब्वे ये श्रेयस अय्यर को रहना पड़ेगा सावधान! टीम इंडिया के साथ पहले कर चुकी है ये खेल