IND vs NZ: भारतीय क्रिकेट टीम की कमान जब जुलाई 2024 में गौतम गंभीर को सौंपी गई थी, तब देशभर के क्रिकेट प्रेमियों को उनसे बड़ी उम्मीदें थीं. एक खिलाड़ी के रूप में आक्रामक सोच, बेबाक अंदाज और दबाव में मैच जिताने की क्षमता के कारण माना जा रहा था कि गंभीर की कोचिंग में टीम इंडिया एक नई ऊंचाई छुएगी. लेकिन हकीकत उम्मीदों के ठीक उलट नजर आई. कोच बनने के बाद से भारतीय टीम ने कई ऐसे नतीजे देखे हैं, जिन्होंने फैंस को निराश किया और भारतीय क्रिकेट के मजबूत माने जाने वाले रिकॉर्ड्स को झकझोर कर रख दिया.
रविवार, 18 जनवरी को भारत को इंदौर में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में 41 रन से हार का सामना करना पड़ा. इस हार के साथ ही भारत ने तीन मैचों की वनडे सीरीज 1-2 से गंवा दी. यह नतीजा इसलिए भी चौंकाने वाला रहा क्योंकि यह भारत की सरजमीं पर न्यूजीलैंड की पहली वनडे सीरीज जीत थी. इससे पहले 2024 में न्यूजीलैंड भारत में टेस्ट सीरीज जीतकर इतिहास रच चुका था, और अब वनडे में भी उन्होंने वही कारनामा दोहराया.
खिताब जीते, लेकिन नुकसान ज्यादा भारी
गंभीर के कार्यकाल में कुछ बड़ी सफलताएं भी आईं. 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी और 2025 एशिया कप में भारत की खिताबी जीत को अहम उपलब्धि माना गया. लेकिन इन उपलब्धियों के बावजूद जो नकारात्मक रिकॉर्ड बने, उन्होंने इन जीतों की चमक को काफी हद तक फीका कर दिया. खासतौर पर टेस्ट क्रिकेट में भारत की स्थिति चिंताजनक रही.
घरेलू टेस्ट में ऐतिहासिक गिरावट
गौतम गंभीर की कोचिंग में भारत को टेस्ट क्रिकेट में ऐसे झटके लगे, जो दशकों में कभी नहीं देखे गए थे. भारत ने 12 साल बाद पहली बार घरेलू टेस्ट सीरीज गंवाई, और यही नहीं, 25 साल बाद पहली बार घरेलू टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप भी झेलना पड़ा. यह वही फॉर्मेट था जिसमें भारत को दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में गिना जाता था.
इतना ही नहीं, अक्टूबर 2024 में भारत ने घरेलू टेस्ट में अपना सबसे कम स्कोर 46 रन बनाया, जो किसी भी भारतीय फैन के लिए बेहद पीड़ादायक रहा. नवंबर 2025 में भारत को रनों के लिहाज से अपनी सबसे बड़ी टेस्ट हार का सामना करना पड़ा, जिसने टीम की तैयारियों और रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए.
टूटते गए पुराने किले
गंभीर के कोच बनने के बाद भारत ने कई ऐसे रिकॉर्ड गंवाए, जिन्हें पिछले कोच वर्षों तक संभाल कर रखने में कामयाब रहे थे. श्रीलंका के खिलाफ 1997 के बाद पहली बार भारत ने वनडे सीरीज गंवाई. न्यूजीलैंड के खिलाफ 1988 के बाद पहली बार घरेलू टेस्ट सीरीज हारी गई. 2012 के बाद पहली बार घरेलू टेस्ट सीरीज में हार मिली और 2000 के बाद पहली बार क्लीन स्वीप झेलनी पड़ी.
इसके अलावा भारत पहली बार वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने में असफल रहा. बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी भी 2015 के बाद पहली बार भारत के हाथ से निकल गई, जो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत के प्रभुत्व का प्रतीक मानी जाती थी.
रिकॉर्ड्स की लंबी सूची जो चिंता बढ़ाती है
गंभीर की कोचिंग में भारत के खराब नतीजों की सूची काफी लंबी हो गई है:
पिछले कई वर्षों में भारतीय टीम के कोचों ने बड़ी मेहनत से जो मजबूत आधार तैयार किया था, वह गंभीर के कार्यकाल में दरकता नजर आया. लगातार टूटते रिकॉर्ड्स और घरेलू मैदान पर मिल रही हार ने फैंस को गहरी निराशा में डाल दिया है.
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