आज के दौर में सोशल मीडिया हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. जहां एक ओर लोग घंटों इंस्टाग्राम रील्स, फेसबुक वीडियोज़ और यूट्यूब कंटेंट में व्यस्त रहते हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे देश भी हैं जहां यूट्यूब जैसी लोकप्रिय वीडियो स्ट्रीमिंग साइट पर अब भी सख्त प्रतिबंध लगा हुआ है. ये प्रतिबंध राजनीतिक, सामाजिक या धार्मिक कारणों से लगाए गए हैं. आइए जानते हैं कौन-कौन से देश यूट्यूब पर बैन लगाते रहे हैं और इसके पीछे के मुख्य कारण क्या हैं.
चीन
चीन ने 2009 में यूट्यूब पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था. सरकार का कहना था कि यूट्यूब पर उपलब्ध सामग्री देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक स्थिरता के लिए खतरा है. चीन में ‘ग्रेट फायरवॉल’ नामक प्रणाली के जरिए इंटरनेट पर कड़ी निगरानी रखी जाती है और वहां सिर्फ सरकार द्वारा स्वीकृत वेबसाइट्स को ही एक्सेस करने की अनुमति है.
उत्तर कोरिया
उत्तर कोरिया में 2006 से इंटरनेट पर ही लगभग पूर्ण प्रतिबंध है. आम नागरिकों को इंटरनेट की सुविधा नहीं दी जाती और यूट्यूब जैसी वेबसाइट्स पूरी तरह से ब्लॉक हैं. सरकार का मानना है कि बाहरी जानकारी लोगों की सोच और विश्वास प्रणाली को प्रभावित कर सकती है, इसलिए सिर्फ सरकारी चैनलों से सूचनाएं दी जाती हैं.
पाकिस्तान
पाकिस्तान में यूट्यूब पर अस्थायी रूप से कई बार प्रतिबंध लगाया गया है. 2008 और 2012 में धार्मिक रूप से आपत्तिजनक वीडियोज़ के चलते यूट्यूब को बैन किया गया था. विशेष रूप से ‘इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स’ वीडियो के कारण भारी विरोध हुआ और सरकार ने धार्मिक भावनाओं की रक्षा के लिए यूट्यूब पर रोक लगा दी थी.
रूस
रूस में 2010 के बाद से यूट्यूब पर कई बार प्रतिबंध लगाने की कोशिश की गई है. सरकार का कहना है कि यूट्यूब पर चरमपंथी और राष्ट्र-विरोधी सामग्री को बढ़ावा दिया जाता है. हाल के वर्षों में भी रूस ने कई बार कंटेंट को ब्लॉक करने या यूट्यूब की सेवाएं सीमित करने की बात कही है.
तुर्कमेनिस्तान
तुर्कमेनिस्तान में 2009 में यूट्यूब पर बैन लगाया गया, लेकिन सरकार ने इसके पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया. माना जाता है कि यह फैसला भी सूचना नियंत्रण के दायरे में लिया गया था.
ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया ने हाल ही में एक नया कदम उठाया है, जहां 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए यूट्यूब पर कुछ प्रकार की सामग्री को प्रतिबंधित कर दिया गया है. एक रिपोर्ट के अनुसार, बड़ी संख्या में नाबालिगों को यूट्यूब पर हानिकारक कंटेंट देखने को मिला, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया.
ये भी पढ़ें: WhatsApp पर कोई चोरी-चुपके पढ़ रहा आपकी चैट? प्राइवेसी बचाने के लिए फटाफट करें ये 5 काम