पाकिस्तान की राजनीति में मंगलवार का दिन अचानक गर्माहट से भर गया, जब अडियाला जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री और PTI संस्थापक इमरान खान से उनकी बहन उज्मा खान मिलने पहुंचीं. देशभर में चल रही उनकी सेहत और कथित मौत की अफवाहों के बीच यह मुलाकात बेहद अहम मानी जा रही है. उज्मा खान ने बाहर आकर दावा किया कि इमरान पूरी तरह ठीक हैं, लेकिन इसके कुछ ही देर बाद इमरान खान खुद सोशल मीडिया X पर सामने आए और एक के बाद एक तीखे राजनीतिक फैसलों की घोषणा कर दी.
सोशल मीडिया पर जारी संदेश में इमरान खान ने अपने ही नेताओं पर खुलकर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि जब उनकी पार्टी संघर्ष के सबसे कठिन दौर से गुजर रही है, तब कुछ नेता उन्हीं संस्थानों और अधिकारियों से निकटता बढ़ा रहे हैं जिन पर अत्याचार का आरोप लग रहा है. इमरान ने इसे “विश्वासघात” बताया और ऐसे नेताओं को PTI का मीर जाफर और मीर सादिक तक कह दिया.
राजनीतिक समिति भंग, नए चेहरे होंगे कमान में
इमरान खान ने अपने संदेश में दूसरा बड़ा कदम यह उठाया कि PTI की मौजूदा राजनीतिक समिति को पूरी तरह भंग कर दिया. उन्होंने महासचिव सलमान अकमर राजा को नई कमेटी बनाने की खुली छूट दे दी है. इसके अलावा शाहिद खट्टक को नेशनल असेंबली में पार्टी का संसदीय नेता नियुक्त किया गया है. यह कदम पार्टी ढांचे में बड़े फेरबदल का संकेत माना जा रहा है.
KP में गवर्नर रूल की चर्चा पर इमरान की सीधी चुनौती
केंद्र सरकार के कुछ मंत्रियों द्वारा खैबर पख्तूनख्वा में गवर्नर रूल लगाए जाने की चर्चा के बीच इमरान खान ने खुलकर ललकारा है. उन्होंने कहा कि जो भी इस तरह की धमकियाँ दे रहे हैं, वे इसे तुरंत लागू करके दिखाएं, फिर परिणाम देख लें. इमरान ने KP के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी की तारीफ करते हुए कहा कि वे दबाव में आने वालों में से नहीं हैं और उन्हें “फ्रंट फुट” पर खेलना जारी रखना चाहिए.
जेल में चार हफ्तों से पूरी तरह अकेले, मुलाकातों पर रोक का आरोप
इमरान खान ने अपने बयान में दावा किया कि उन्हें पिछले एक महीने से एकांत सेल में रखा गया है. उनका कहना है कि अदालत के स्पष्ट आदेशों के बावजूद उन्हें वकीलों, नेताओं और परिवार से मिलने नहीं दिया जा रहा. उन्होंने आरोप लगाया कि जेल मैनुअल के मुताबिक मिलने वाली बुनियादी सुविधाएँ भी वापस ले ली गई हैं.
सेना प्रमुख पर निशाना, आतंकवाद बढ़ने का ठहराया जिम्मेदार
अपनी पोस्ट में इमरान ने पाकिस्तान सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर पर भी कड़े आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि ड्रोन हमलों और आंतरिक अभियानों ने देश में आतंकवाद को और भड़का दिया है. उन्होंने वर्तमान हालात को “काबू से बाहर” बताते हुए दुख व्यक्त किया.
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