हैदराबाद में भरभराकर गिरी 7 मंजिला इमारत, मलबे में दबकर दो की मौत, कई लोग घायल

हैदराबाद के माधापुर इलाके में शनिवार को एक निर्माणाधीन सात मंजिला इमारत के अचानक ढह जाने से बड़ा हादसा हो गया। अंजैया नगर में हुई इस घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

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हैदराबाद के माधापुर इलाके में शनिवार को एक निर्माणाधीन सात मंजिला इमारत के अचानक ढह जाने से बड़ा हादसा हो गया। अंजैया नगर में हुई इस घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे में अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल घटनास्थल पर पहुंच गए और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभियान शुरू कर दिया।

भरभराकर गिर गई सात मंजिला इमारत

पुलिस के मुताबिक, अंजैया नगर में सात मंजिला इमारत का निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक पूरा ढांचा धराशायी हो गया। इमारत गिरते ही बड़ी मात्रा में मलबा जमा हो गया, जिसके नीचे कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई। बचाव दल ने तुरंत मोर्चा संभाला और मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया। पुलिस के अनुसार, अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है और राहत अभियान लगातार जारी है।

इमारत के निर्माण की मंजूरी पर सवाल

हादसे के बाद निर्माणाधीन इमारत की वैधता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस विधायक अरेकापुडी गांधी ने दावा किया कि इमारत के निर्माण के लिए जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी। उनके मुताबिक, माधापुर डिवीजन के अधिकारियों ने करीब चार महीने पहले कथित अवैध निर्माण को रुकवा दिया था, लेकिन इसके बावजूद हाल ही में काम दोबारा शुरू कर दिया गया। विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि सात मंजिला इमारत से जुड़ी बगल की इमारत तक बेसमेंट का काम बढ़ाया जा रहा था, जिसके चलते ढांचा कमजोर हुआ और हादसा हुआ।

अवैध निर्माण को लेकर विधायक ने जताई नाराजगी

अरेकापुडी गांधी ने कहा कि लोगों को अवैध निर्माण के गंभीर खतरों को समझना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि सेरिलिंगमपल्ली इलाके में कई जगहों पर नियमों की अनदेखी कर निर्माण किया जा रहा है। उनके अनुसार, प्रशासन ऐसे मामलों में इमारतों को जब्त करने की कार्रवाई कर रहा है, लेकिन कुछ लोग चेतावनियों के बावजूद नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। विधायक ने कहा कि पहले भी इस तरह की घटना सामने आ चुकी है और अब दोबारा हादसा हुआ है।

मलबे में जिंदगी की तलाश

फिलहाल राहत और बचाव दल मलबे को हटाकर उसमें फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। इमारत गिरने की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। निर्माण की अनुमति, सुरक्षा मानकों और बेसमेंट से जुड़े काम की भी जांच की जाएगी। हादसे ने शहर में अवैध और असुरक्षित निर्माण को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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