परमाणु पनडुब्बी, एयरक्राफ्ट कैरियर, फ्रिगेट... भारत के मुकाबले कितनी ताकतवर है पाकिस्तानी नौसेना?

भारत और पाकिस्तान के बीच दशकों से चला आ रहा सैन्य तनाव और प्रतिस्पर्धा किसी से छुपी नहीं है. इतिहास में दोनों देश कई बार आमने-सामने आ चुके हैं, जिनमें 1947, 1965, 1971 और 1999 के युद्ध शामिल हैं.

How powerful is the Pakistani Navy compared to India
प्रतिकात्मक तस्वीर/ ANI

नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच दशकों से चला आ रहा सैन्य तनाव और प्रतिस्पर्धा किसी से छुपी नहीं है. इतिहास में दोनों देश कई बार आमने-सामने आ चुके हैं, जिनमें 1947, 1965, 1971 और 1999 के युद्ध शामिल हैं. अब युद्ध की दिशा समुद्र की ओर भी मुड़ चुकी है, जहां दोनों देशों की नौसेनाएं सक्रिय भूमिका निभा रही हैं. हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे अभ्यासों ने यह और स्पष्ट कर दिया है कि समुद्री शक्ति अब केवल रणनीतिक ही नहीं, बल्कि निर्णायक भूमिका निभा रही है. ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि भारत और पाकिस्तान की नौसेनाएं कितनी शक्तिशाली हैं, और उनमें क्या फर्क है.

भारत की नौसेना दुनिया की सबसे बड़ी और ताकतवर नौसेनाओं में से एक मानी जाती है. इसका विस्तार केवल हिंद महासागर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर 'ब्लू वॉटर नेवी' यानी दूर-दराज़ समुद्री क्षेत्रों में ऑपरेशन करने की क्षमता रखती है. यह क्षमता भारत को समुद्र के रास्ते व्यापार और रणनीतिक दृष्टिकोण से बड़ी शक्ति प्रदान करती है.

विमानवाहक पोत: ताकत का ताज

भारतीय नौसेना के पास दो सक्रिय विमानवाहक पोत हैं- आईएनएस विक्रमादित्य और आईएनएस विक्रांत. ये विशाल जहाज चलते-फिरते एयरबेस की तरह होते हैं, जिनसे लड़ाकू विमान उड़ सकते हैं और समुद्र में कहीं भी सैन्य अभियान को अंजाम दे सकते हैं. पाकिस्तान के पास इस तरह का कोई पोत नहीं है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस मोर्चे पर भारत की पकड़ बेहद मजबूत है.

पनडुब्बी शक्ति: गहराई में छिपी मारक क्षमता

भारत की नौसेना के पास कुल 18 पनडुब्बियां हैं, जिनमें पारंपरिक और परमाणु ऊर्जा से संचालित पनडुब्बियां शामिल हैं. यह भारत को समुद्र की गहराइयों से भी दुश्मन पर हमला करने की क्षमता देती है. इसके विपरीत पाकिस्तान के पास केवल 8 पनडुब्बियां हैं और उनमें से कोई भी परमाणु शक्ति से नहीं चलती.

विध्वंसक और फ्रिगेट: सामने से वार

भारतीय नौसेना के पास 13 विध्वंसक जहाज (Destroyers) और 14 फ्रिगेट (Frigates) हैं. ये जहाज मिसाइलों, तोपों और अन्य आधुनिक हथियारों से लैस होते हैं और युद्ध की स्थिति में दुश्मन पर बड़ा वार कर सकते हैं. वहीं पाकिस्तान के पास कोई भी विध्वंसक नहीं है और उसके पास केवल 9 फ्रिगेट हैं.

कोरवेट और गश्ती नौकाएं

भारत के पास 18 कोरवेट (Corvettes) हैं, जो हल्के और तेज़ गति वाले युद्धपोत होते हैं, जबकि पाकिस्तान के पास ऐसे केवल 9 जहाज हैं. वहीं गश्त के लिए भारत के पास 138 गश्ती नौकाएं (Patrol Vessels) हैं जबकि पाकिस्तान के पास केवल 69 हैं. इसका सीधा मतलब है कि भारत समुद्री निगरानी और सुरक्षा में भी कहीं ज्यादा सक्षम है.

पाकिस्तान की नौसेना: सीमित संसाधन

पाकिस्तान की नौसेना अभी भी अपने क्षेत्रीय जलसीमा यानी 'ग्रीन वॉटर नेवी' तक सीमित है. इसका मतलब है कि वह मुख्य रूप से अपने समुद्री क्षेत्र की रक्षा करने में ही सक्षम है, ना कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में शक्ति प्रदर्शन करने में.

हालांकि हाल के वर्षों में पाकिस्तान ने अपनी नौसेना को आधुनिक बनाने के लिए चीन और तुर्की से सैन्य सहायता ली है. चीन से अत्याधुनिक पनडुब्बियों और युद्धपोतों की खरीद हो रही है, लेकिन फिर भी तकनीकी रूप से और संख्या के लिहाज से वह अभी भी भारत से काफी पीछे है.

रणनीतिक बढ़त: भारत कैसे है आगे?

भारत की नौसेना न सिर्फ उपकरणों के मामले में पाकिस्तान से आगे है, बल्कि उसके पास एक और बड़ी ताकत है- स्वदेशी उत्पादन क्षमता और अनुसंधान. भारत कई जहाज और पनडुब्बियां खुद डिजाइन और तैयार करता है, जैसे कि आईएनएस विक्रांत, जो पूरी तरह भारत में बना विमानवाहक पोत है. इसके अलावा भारत की नौसेना में महिला अफसरों की भी तेजी से बढ़ती भागीदारी दिखाती है कि यह एक आधुनिक और समावेशी सेना है.

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