USS Abraham Lincoln: दुनिया भर में पिछले 14 दिनों से जारी अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है. इस संघर्ष के बीच, ईरान ने एक चौंकाने वाला दावा किया है कि उसने अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है. इस हमले के बाद, ईरान के मुताबिक, युद्धपोत को भारी नुकसान हुआ है और उसे खाड़ी के जल क्षेत्र से पीछे हटना पड़ा. हालांकि, अमेरिका ने इन आरोपों को सिरे से नकारा किया है और यूएसएस अब्राहम लिंकन की स्थिति को पूरी तरह से सामान्य बताया है. आइए, हम जानते हैं कि इस शक्तिशाली युद्धपोत की खासियतें क्या हैं, जो इसे दुनिया के सबसे प्रभावशाली विमानवाहक पोतों में से एक बनाती हैं.
ईरान का दावा
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक बयान जारी किया, जिसमें उसने दावा किया कि उसने बैलिस्टिक मिसाइल से अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को निशाना बनाया. आईआरजीसी का कहना है कि इस हमले के बाद, युद्धपोत अब काम करने की स्थिति में नहीं रहा और उसे खाड़ी के जल क्षेत्र से पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा.
अमेरिका का खंडन
अमेरिका ने ईरान के इन आरोपों को खारिज कर दिया है. अमेरिकी नौसेना के केंद्रीय कमांड ने यूएसएस अब्राहम लिंकन की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि यह विमानवाहक पोत अभी भी ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में सक्रिय रूप से योगदान दे रहा है. अमेरिकी सेना ने इस बात की पुष्टि की कि पोत को कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ और यह पूरी तरह से कार्यशील है.
यूएसएस अब्राहम लिंकन: एक शक्तिशाली विमानवाहक पोत
यूएसएस अब्राहम लिंकन अमेरिका का एक अत्यधिक शक्तिशाली विमानवाहक पोत है, जिसे दुनिया के सबसे बड़े और सबसे मजबूत युद्धपोतों में गिना जाता है. यह पोत 'निमित्ज' श्रेणी का पांचवां विमानवाहक पोत है, और इसका नाम अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन के सम्मान में रखा गया है. इसे 11 नवंबर 1989 को अमेरिकी नौसेना में शामिल किया गया था, और तब से यह कई महत्वपूर्ण मिशनों का हिस्सा बन चुका है.
यूएसएस अब्राहम लिंकन की विशिष्टताएं
यूएसएस अब्राहम लिंकन की लंबाई 332.8 मीटर (1092 फीट) है और इसकी चौड़ाई लगभग 77 मीटर है. इसका वजन लगभग एक लाख टन है और यह 56 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकता है. यह विमानवाहक पोत दक्षिण चीन सागर में तैनात रहता है और अमेरिका की सैन्य शक्ति का प्रतीक है. इस पर एफ/ए-18ई/एफ सुपर हॉर्नेट, ईए-18जी ग्राउलर, एफ-35सी फाइटर जेट और एमएच-60आर हेलीकॉप्टर जैसे अत्याधुनिक विमान तैनात किए जाते हैं.
इसके अलावा, यूएसएस अब्राहम लिंकन में 70 से ज्यादा लड़ाकू विमान और विध्वंसक जहाज तैनात रहते हैं, जो इसे किसी भी क्षेत्र में त्वरित हमला करने की क्षमता प्रदान करते हैं. यह विमानवाहक पोत दुश्मन की गतिविधियों पर निगरानी रखने के साथ-साथ हवाई हमले करने में भी सक्षम है.
The Abraham Lincoln Carrier Strike Group continues to support Operation Epic Fury and project power from the sea. pic.twitter.com/2o7krBUp70
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 12, 2026
युद्धपोत पर तैनात सैनिकों की संख्या
यूएसएस अब्राहम लिंकन में लगभग 5000 सैनिक तैनात होते हैं, जिनमें नौसैनिक, मरीन और क्रू सदस्य शामिल होते हैं. यह पोत इतना विशाल है कि इस पर एक जिप कोड, टीवी और रेडियो स्टेशन, अखबार, अस्पताल, लाइब्रेरी, अग्निशमन केंद्र, जनरल स्टोर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं.
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