हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर अपनी रफ्तार तेज कर दी है और लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में हालात चिंताजनक बना दिए हैं. पहाड़ों से गिरता मलबा, बंद होती सड़कें, उफनते नदी-नाले और बढ़ता भूस्खलन लोगों की मुश्किलों को लगातार बढ़ा रहे हैं. मौसम विभाग ने भी साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में राहत मिलने की उम्मीद कम है, इसलिए प्रशासन और स्थानीय लोगों दोनों के लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी हो गया है.
भूस्खलन से किन्नौर का संपर्क प्रभावित
किन्नौर जिले के चौरा क्षेत्र में भारी भूस्खलन के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-05 पर बड़े पत्थर और मलबा आ गिरा, जिससे हाईवे पूरी तरह बंद हो गया. इस वजह से जिले का सड़क संपर्क प्रदेश के अन्य हिस्सों से प्रभावित हो गया है. प्रशासन और राहत एजेंसियां मशीनों की मदद से सड़क को जल्द से जल्द खोलने की कोशिश में जुटी हैं. अधिकारियों ने यात्रियों से फिलहाल अनावश्यक सफर टालने और मौसम की स्थिति सामान्य होने तक सतर्क रहने की अपील की है.
मनाली और सोलंग घाटी में बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें
मनाली, पलचान, धुंधी, शनाग, अंजनी महादेव और सोलंग घाटी में लगातार हुई बारिश के कारण कई जगह सड़कों पर मलबा जमा हो गया. फर्स्ट स्नो गैलरी के पास अचानक आए मलबे में एक स्कॉर्पियो वाहन फंस गया, हालांकि उसमें सवार सभी लोग समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे. पलचान पुल के पास भी हल्का भूस्खलन दर्ज किया गया, जबकि मनाली टाउन बाईपास के किनारे तेज बहाव से कटाव शुरू हो गया. सीमा सड़क संगठन (BRO) ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कई स्थानों पर सड़कें साफ कर यातायात बहाल करने का काम शुरू कर दिया.
चंबा में 19 वर्षीय युवती की दर्दनाक मौत
चंबा जिले के सलूणी उपमंडल में बारिश के बीच एक दुखद हादसा सामने आया. संघणी पंचायत के प्रेढ़ गांव की रहने वाली 19 वर्षीय शबनम जंगल से अपने पशुओं को लेकर घर लौट रही थी, तभी फिसलकर तेज बहाव वाले नाले में गिर गई. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और ग्रामीणों ने पूरी रात तलाश अभियान चलाया. शुक्रवार सुबह जलाड़ी क्षेत्र के पास सियूल नदी से उसका शव बरामद किया गया. पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
पंडोह डैम से छोड़ा गया पानी
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए मंडी जिला प्रशासन ने पंडोह डैम से 12 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी दी है. शुक्रवार सुबह से पानी छोड़े जाने के बाद ब्यास नदी के जलस्तर में वृद्धि की संभावना जताई गई है. प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों, पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से नदी के करीब न जाने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके.
आपदा से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर प्रशासन
संभावित आपात स्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव व्यवस्था को सक्रिय कर दिया है. लोगों की सहायता के लिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, मंडी के हेल्पलाइन नंबर 01905-226201, 01905-226202, 01905-226203 और 01905-226204 जारी किए गए हैं. इसके अलावा टोल फ्री आपातकालीन नंबर 1077 भी सक्रिय रखा गया है ताकि किसी भी संकट की स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके.
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार अगस्त के शुरुआती दिनों में भी हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है. इसके चलते भूस्खलन, अचानक बाढ़, सड़क बंद होने और नदी-नालों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी जैसी घटनाओं का खतरा बना रहेगा. प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से मौसम की ताजा जानकारी लेने, जोखिम वाले इलाकों से दूरी बनाए रखने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है.
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