Himachal Heavy Rain: हिमाचल प्रदेश में मानसून की दस्तक इस बार राहत नहीं बल्कि मुसीबत लेकर आई है. लगातार हो रही भारी बारिश ने पहाड़ी इलाकों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. कई स्थानों पर भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और जलभराव जैसी घटनाओं ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं. हालात ऐसे हैं कि दर्जनों सड़कें बंद हो गई हैं, मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवाजाही ठप हो गई है और कई परिवारों को अपने घरों में घुस आए बारिश के पानी से भारी नुकसान झेलना पड़ा है. प्रशासन राहत और बहाली के कार्यों में जुटा है, लेकिन लगातार हो रही बारिश चुनौती बनी हुई है.
शिमला में भूस्खलन से घंटों बाधित रहा यातायात
राजधानी शिमला में लगातार बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं. चक्कर स्थित पुराने बैरियर के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर गिरने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. अचानक मार्ग बंद होने से यात्रियों और स्थानीय लोगों को घंटों तक परेशानी का सामना करना पड़ा. घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं. मशीनों की मदद से सड़क से मलबा हटाया गया और कई घंटों की मेहनत के बाद रात तक यातायात को दोबारा सुचारु किया जा सका.
चंबा में फ्लैश फ्लड ने मचाई तबाही
चंबा जिले के सलूणी उपमंडल के धुत्ता क्षेत्र में तेज बारिश के दौरान अचानक आए फ्लैश फ्लड ने ग्रामीणों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दीं. तेज बहाव के साथ आया बरसाती पानी सीधे घरों में घुस गया, जिससे घरेलू सामान, खाद्यान्न और अन्य जरूरी वस्तुओं को नुकसान पहुंचा.
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार सड़क किनारे उचित जल निकासी व्यवस्था बनाने की मांग की थी, लेकिन समय रहते इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. ग्रामीणों का आरोप है कि यदि सड़क के साथ नालियों और ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण किया गया होता तो बारिश का पानी घरों तक नहीं पहुंचता. अब प्रभावित परिवारों ने मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है.
मनाली-लेह हाईवे फिर हुआ बंद
मानसून का असर लाहौल-स्पीति जिले में भी साफ दिखाई दिया. जिस्पा क्षेत्र में देर रात एक नाले में अचानक आई बाढ़ के कारण भारी मात्रा में मलबा मनाली-लेह मार्ग पर आ गया. इसके चलते रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मनाली-लेह हाईवे पर यातायात पूरी तरह रोकना पड़ा.
मार्ग बंद होने से दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंस गए, जिनमें बड़ी संख्या में पर्यटक भी शामिल हैं. एहतियात के तौर पर पुलिस प्रशासन ने केलांग से आगे वाहनों की आवाजाही रोक दी, जबकि लेह की ओर से आने वाले वाहनों को भी सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है. सड़क को जल्द से जल्द चालू करने के लिए सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीमें मशीनों के साथ मौके पर पहुंच गई हैं और लगातार मलबा हटाने का कार्य जारी है.
प्रदेशभर में 45 सड़कें प्रभावित, बिजली व्यवस्था भी बाधित
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, लगातार बारिश के चलते प्रदेशभर में 45 सड़कें बंद हो गई हैं. इनमें सबसे अधिक 28 सड़कें मंडी जिले में प्रभावित हुई हैं, जबकि कुल्लू में 12, ऊना में दो और लाहौल-स्पीति में एक सड़क पर यातायात बाधित है. कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है और 84 बिजली ट्रांसफार्मरों के बंद होने से लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है.
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