Haryana: आवारा कुत्तों को खाना खिलाना बना विवाद का कारण, महिला पर 1.25 लाख रुपये का जुर्माना

Stray Dog Feeding Dispute: प्रिंसेस पार्क सोसायटी में आवारा कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. स्थानीय निवासी दिव्या नायक पर सोसायटी की RWA (रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) द्वारा अब तक 1.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है.

Haryana Feeding stray dogs becomes the reason for dispute woman fined Rs 1.25 lakh
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Stray Dog Feeding Dispute: प्रिंसेस पार्क सोसायटी में आवारा कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. स्थानीय निवासी दिव्या नायक पर सोसायटी की RWA (रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) द्वारा अब तक 1.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है. दिव्या नायक का कहना है कि यह जुर्माना अव्यवस्थित तरीके से लगाया गया है और उन्हें सिर्फ इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वे पिछले कुछ वर्षों से सोसायटी में कुत्तों को खाना खिला रही हैं.

दिव्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के माध्यम से अपनी आपबीती साझा की है. उन्होंने आरोप लगाया है कि न सिर्फ उनके साथ मारपीट हुई है, बल्कि उनके परिवार को भी पुलिस के ज़रिए डराया-धमकाया जा रहा है.

कुत्तों को खाना खिलाने पर 22 अगस्त से पाबंदी

RWA ने 22 अगस्त से सोसायटी परिसर में किसी भी स्थान पर कुत्तों को खाना खिलाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है. इसके साथ ही सुरक्षा के लिए महिला बाउंसरों की तैनाती भी की गई है. RWA का कहना है कि उन्होंने कुत्तों के लिए एक निर्धारित फीडिंग प्वाइंट तय किया है जो अब सोसायटी से बाहर, मार्केट क्षेत्र में शिफ्ट कर दिया गया है.

RWA उपाध्यक्ष रमणिक चहल का कहना है कि दिव्या नायक को कई बार फीडिंग प्वाइंट पर ही खाना खिलाने के लिए कहा गया, लेकिन वे बार-बार सोसायटी के अन्य हिस्सों में जाकर कुत्तों को भोजन देने लगती हैं, जिससे अन्य निवासियों को असुविधा होती है.

40 से अधिक कुत्ते भूखे, देखरेख की कमी

दिव्या के अनुसार, सोसायटी में लगभग 40 कुत्ते हैं जो अब भूखे रह गए हैं क्योंकि कोई भी उन्हें खाना नहीं खिला पा रहा. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कई वर्षों से वे इन जानवरों की सेवा कर रही हैं, लेकिन अब उनकी सुनवाई नहीं हो रही. उनकी पोस्ट पर बड़ी संख्या में लोग प्रतिक्रिया दे रहे हैं कि कुछ समर्थन में हैं तो कुछ इसे नियमों की अवहेलना मान रहे हैं.

तीन वर्षों से चल रहा है जुर्माने का सिलसिला

RWA का यह भी दावा है कि पिछले तीन वर्षों में दिव्या पर समय-समय पर नियम उल्लंघन को लेकर जुर्माने लगाए गए हैं, जो अब कुल ₹1.25 लाख तक पहुँच चुके हैं. संगठन का तर्क है कि यदि नियमों का पालन नहीं किया गया, तो अन्य मामलों में भी इसी तरह की सख़्ती बरतनी होगी.

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