एल्विश यादव के घर पर गोली चलाने वाले का एनकाउंटर, मुख्य आरोपी के पैर में लगी गोली, गिरफ्तार

Elvish Yadav: सुबह का सन्नाटा गोलियों की आवाज़ से टूटा था और अब उसी वारदात के सबसे बड़े किरदार का पर्दाफाश हो चुका है. यूट्यूबर एल्विश यादव के घर पर हुई फायरिंग केस में मुख्य आरोपी इशांत उर्फ इशू गांधी को पुलिस ने एनकाउंटर के बाद दबोच लिया है.

Haryana Encounter of those who fired at Elvish Yadav house arrested
Image Source: Social Media

Elvish Yadav: सुबह का सन्नाटा गोलियों की आवाज़ से टूटा था और अब उसी वारदात के सबसे बड़े किरदार का पर्दाफाश हो चुका है. यूट्यूबर एल्विश यादव के घर पर हुई फायरिंग केस में मुख्य आरोपी इशांत उर्फ इशू गांधी को पुलिस ने एनकाउंटर के बाद दबोच लिया है.

फरीदाबाद क्राइम ब्रांच की टीम ने इशांत को उस वक्त चारों ओर से घेर लिया, जब उसे इलाके में छिपे होने की सूचना मिली. लेकिन गिरफ्तारी इतनी आसान नहीं थी. इशांत ने खुद को घिरता देख पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में उसे सीधे पैर में गोली लगी. और फिर वहीं से उसका रास्ता अस्पताल की ओर मोड़ दिया गया.

कैसे खुली इस केस की परतें?

17 अगस्त की सुबह, जब ज़्यादातर लोग गहरी नींद में थे, गुरुग्राम में यूट्यूबर एल्विश यादव के घर के बाहर 24 राउंड गोलियां चलाई गईं. दो नकाबपोश हमलावर, हेलमेट पहने, सीसीटीवी में कैद हो गए. हमले के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर हिमांशु भाऊ गैंग ने इसकी जिम्मेदारी ली और एल्विश पर "बैटिंग ऐप्स" को प्रमोट करके लोगों का नुकसान करने का आरोप लगाया. गनीमत रही कि इस हमले में कोई घायल नहीं हुआ. लेकिन यह वारदात सिर्फ एक फायरिंग नहीं थी, यह एक सीधा संदेश था.

पुलिस की तेज़ कार्रवाई

घटना के बाद गुरुग्राम पुलिस और फरीदाबाद क्राइम ब्रांच एक्टिव मोड में आ गई. संदिग्धों के मूवमेंट को ट्रैक करने के लिए CCTV फुटेज की गहन जांच की गई. गुरुवार को पुलिस को इशांत गांधी के ठिकाने की भनक लगी. घेराबंदी के दौरान एनकाउंटर हुआ, जिसमें इशांत घायल हो गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

एल्विश के परिवार को मिली सुरक्षा

हमले के बाद एल्विश यादव और उनके परिवार को पुलिस सुरक्षा दे दी गई है. फिलहाल 8 सुरक्षाकर्मी उनकी निगरानी में तैनात हैं. एल्विश के पिता ने पुलिस को बताया था कि उन्होंने किसी से दुश्मनी या धमकी की जानकारी पहले नहीं दी थी.

अब भी बाकी हैं कई सवाल

हालांकि मुख्य आरोपी पकड़ा जा चुका है, लेकिन कई सवाल अभी भी हवा में हैं. क्या इशांत अकेले काम कर रहा था या किसी बड़े गैंग का हिस्सा है? क्या हमले का मकसद सिर्फ धमकाना था या इसके पीछे कोई और एजेंडा छिपा है? क्या एल्विश के खिलाफ और भी हमले की योजना थी? पुलिस अब बाकी आरोपियों की तलाश में है और सूत्रों का कहना है कि जल्द ही इस केस में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.

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