अटलांटिक क्रूज शिप MV Hondius पर हाल ही में हंतावायरस का मामला सामने आया है, जिसने दुनिया भर में अलर्ट बढ़ा दिया है। इस खतरनाक वायरस की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें एक डच जोड़ा भी शामिल है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से बीमार हैं। दक्षिण अफ्रीकी स्वास्थ्य अधिकारियों की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कोई सामान्य वायरस नहीं है, बल्कि बेहद दुर्लभ स्ट्रेन का मामला है।
हंतावायरस क्या है और कैसे फैलता है?
हंतावायरस आमतौर पर चूहों के संपर्क में आने से फैलता है—चूहों के यूरिन, मल या लार से। लेकिन इस क्रूज मामले में पाया गया एंडीज स्ट्रेन इंसानों से इंसानों में भी फैल सकता है। यह बेहद दुर्लभ स्थिति है, और आम तौर पर केवल करीबी संपर्क में रहने वाले लोगों तक ही फैलती है, जैसे परिवार के सदस्य या मरीज की देखभाल करने वाले।
इंसानों से इंसानों में फैलने का खतरा
अंडीज स्ट्रेन के मामले में इंसानों से इंसानों में फैलने की संभावना कम है, लेकिन पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता। दक्षिण अफ्रीका के अधिकारी अब लगभग 90 लोगों की तलाश कर रहे हैं—कमर्शियल फ्लाइट, एयरपोर्ट और अस्पताल में—ताकि वायरस का फैलाव रोका जा सके। क्रूज जैसी सीमित जगह पर संक्रमण की संभावना अधिक होती है, क्योंकि लोग आपस में नजदीकी संपर्क में रहते हैं।
क्या यह महामारी बन सकता है?
हालांकि यह मामला डरावना लगता है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि आम जनता के लिए जोखिम फिलहाल कम है। इसके दो कारण हैं: पहला, हंतावायरस की इंसान से इंसान में फैलने की संभावना बहुत कम है। दूसरा, इसके लिए लंबे समय तक करीबी संपर्क की जरूरत होती है। इसलिए सामान्य स्थिति में यह महामारी का रूप लेने की संभावना नहीं है।
हंतावायरस के लक्षण
हंतावायरस इन्फेक्शन गंभीर और जानलेवा हो सकता है। इसका सबसे खतरनाक रूप हंतावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम है। यह फ्लू जैसे लक्षणों से शुरू होता है और तेजी से रेस्पिरेटरी फेलियर तक पहुंच सकता है। प्रमुख लक्षण हैं:
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