डिफेंस स्टॉक्स बने रॉकेट, 52 हजार करोड़ की डील ने फूंकी जान, इन कंपनियों के शेयरों में आई तेजी

करीब 52 हजार करोड़ रुपये की डिफेंस खरीद डील्स को मंजूरी मिलने के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में डिफेंस सेक्टर के शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला.

HAL BEL Paras Defence Surge in shares of defense companies defence deal
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

 

करीब 52 हजार करोड़ रुपये की डिफेंस खरीद डील्स को मंजूरी मिलने के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में डिफेंस सेक्टर के शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला. डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने लगभग 52,000 करोड़ रुपये के कैपिटल एक्विजिशन प्रस्तावों को “आवश्यकता की स्वीकृति (AoN)” दे दी है.

डिफेंस शेयरों में रॉकेट जैसी तेजी

इस बड़े फैसले के बाद डिफेंस कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी देखी गई.

  • पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज करीब 4.68% चढ़कर ₹1,354.60 पर पहुंचा
  • भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) करीब 2.14% बढ़कर ₹427 पर पहुंचा
  • मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स करीब 1.08% बढ़कर ₹2,571 पर ट्रेड कर रहा था
  • हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) करीब 0.82% बढ़कर ₹4,465.10 पर पहुंचा

वहीं, निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स भी करीब 1.35% की तेजी के साथ 9,703.75 के स्तर पर कारोबार कर रहा था.

BHEL को भी मिल सकता फायदा

ब्रोकरेज फर्म JM Financial Institutional Securities ने भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) पर अपनी “Buy” रेटिंग बनाए रखी है.

रिपोर्ट के मुताबिक सरकार के कुछ नए फैसलों का BHEL पर सीमित असर पड़ेगा, जबकि इलेक्ट्रिक प्रपल्शन सिस्टम से जुड़े ऑर्डर मिलने की संभावना है, जिसका टेंडर कंपनी को मिल सकता है.

ब्रोकरेज का अनुमान है कि BHEL की जून तिमाही में रेवेन्यू 66 अरब रुपये तक पहुंच सकता है, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 20% ज्यादा होगा. साथ ही आने वाले वर्षों में कंपनी के रेवेन्यू और मुनाफे में मजबूत ग्रोथ देखने को मिल सकती है.

किन डिफेंस सिस्टम्स को मिली मंजूरी

DAC की इस मंजूरी में भारतीय सेना की ताकत बढ़ाने के लिए कई अहम हथियार और सिस्टम शामिल हैं. इनमें शामिल हैं:

  • आकाश तरंग एंटी-ड्रोन इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम
  • मैन-पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (MPATGM)
  • मीडियम रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल (MRSAM) सिस्टम
  • वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (VSHORADS)
  • टैंकों के लिए एक्टिव प्रोटेक्शन सिस्टम (APS)

नौसेना के लिए भी अहम मंजूरी

भारतीय नौसेना के लिए भी कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है, जिनमें शामिल हैं:

  • मल्टी-इफेक्ट ग्राउंड माइन सिस्टम
  • नौसेना जहाज आधारित मानवरहित हवाई प्रणाली (UAS)
  • एक लैंड-बेस्ड टेस्टिंग फैसिलिटी की स्थापना

आगे क्या होगा प्रोसेस

यह मंजूरी फिलहाल “आवश्यकता की स्वीकृति (AoN)” के स्तर पर है, जो खरीद प्रक्रिया का पहला चरण होता है.

इसके बाद टेंडर प्रक्रिया, तकनीकी जांच और कमर्शियल बातचीत होगी. इसके बाद ही कंपनियों को फाइनल कॉन्ट्रैक्ट दिए जाएंगे.

किन कंपनियों को मिल सकता है फायदा

इस पूरी डील के सबसे बड़े संभावित लाभार्थियों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (HAL) और बीएचईएल (BHEL) जैसी सरकारी कंपनियां शामिल हो सकती हैं.

इस फैसले को भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिसका सीधा असर डिफेंस सेक्टर के शेयरों पर दिखाई दिया.

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