Ram Mandir Trust Meeting: अयोध्या राम मंदिर में दान से जुड़ी कथित गड़बड़ी के मामले के बाद ट्रस्ट में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है. 6 जुलाई को हुई राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया.
इसके साथ ही ट्रस्ट ने दो नए पदाधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय कर दी है. बैठक में बजरंग बांगड़ा को ट्रस्ट का नया महासचिव बनाया गया, जबकि कृष्ण मोहन को अंतरिम सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई.
ट्रस्ट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जानकारी
बैठक के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फैसलों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ट्रस्ट की बैठक में सभी सदस्यों की मौजूदगी में नए पदाधिकारियों के नाम पर सहमति बनी और इसके बाद नियुक्तियों की घोषणा की गई. यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब दान से जुड़े मामले की जांच लगातार जारी है और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं.
#WATCH | Ayodhya, UP | On the meeting of the trust, Swami Govind Dev Giri Ji Maharaj, Treasurer of the Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust, says, "It has been decided that, while the Board of Trustees will be fully constituted, a three-member committee has been appointed to… pic.twitter.com/yv4vELMhT6
— ANI (@ANI) July 6, 2026
कृष्ण मोहन की भूमिका रही अहम
नए अंतरिम सचिव बनाए गए कृष्ण मोहन पहले से ही इस पूरे मामले में अहम भूमिका निभा चुके हैं. राम मंदिर में दान से जुड़ी कथित चोरी का मामला सबसे पहले उनकी शिकायत के बाद सामने आया था.
इन्होंने ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर मामला दर्ज हुआ और जांच शुरू हुई. इसी शिकायत के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच तेज की और कई लोगों से पूछताछ की.
अब तक कई गिरफ्तारियां
पुलिस जांच के दौरान अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जांच एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं और कथित तौर पर दान की रकम की भी बरामदगी की कार्रवाई जारी है. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल थे और दान की राशि का इस्तेमाल किस तरह किया गया.
ट्रस्ट में नई जिम्मेदारियां
ट्रस्ट का मानना है कि नए पदाधिकारियों की नियुक्ति से प्रशासनिक कामकाज पहले की तरह सुचारु रूप से चलता रहेगा. बजरंग बांगड़ा महासचिव के रूप में ट्रस्ट के दैनिक कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि कृष्ण मोहन अंतरिम सचिव के तौर पर प्रशासनिक और रिकॉर्ड संबंधी कार्य देखेंगे.
जांच अभी भी जारी
हालांकि ट्रस्ट में नए पदाधिकारियों की नियुक्ति हो चुकी है, लेकिन दान विवाद की जांच अभी खत्म नहीं हुई है. पुलिस और जांच एजेंसियां मामले के हर पहलू की जांच कर रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है.
फिलहाल राम मंदिर ट्रस्ट में हुए इन बदलावों को दान विवाद के बाद उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच पूरी होने के बाद क्या नए तथ्य सामने आते हैं और आगे क्या कार्रवाई होती है.
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