नई दिल्ली: मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए चुनाव आयोग की ओर से चलाए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) अभियान के तहत चार राज्यों की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है. ओडिशा, मणिपुर, मिजोरम और सिक्किम में जारी नई ड्राफ्ट सूची में 22 लाख से ज्यादा लोगों के नाम हटाए गए हैं.
हालांकि, चुनाव आयोग ने साफ किया है कि जिन लोगों के नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए हैं, उन्हें दोबारा अपना नाम जुड़वाने का मौका दिया जाएगा. सभी दावों और आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी.
चार राज्यों में 22 लाख से ज्यादा नाम हटे
चुनाव आयोग के अनुसार, ओडिशा, मणिपुर, मिजोरम और सिक्किम में SIR अभियान के तहत मतदाता सूची की जांच की गई, जिसके बाद 22 लाख से अधिक नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं.
आयोग का कहना है कि यह केवल ड्राफ्ट सूची है और जिन लोगों के नाम हटे हैं, वे तय प्रक्रिया के तहत दोबारा आवेदन कर सकते हैं.
अब तक कितने वोटरों के नाम हटाए गए?
पिछले साल जून में चुनाव आयोग ने देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) अभियान शुरू किया था. इस अभियान के तहत कई राज्यों में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण किया गया.
अब तक सामने आए आंकड़ों के मुताबिक—
चुनाव आयोग के अनुसार, अब तक 13 राज्यों में करीब 6 करोड़ लोगों के नाम SIR अभियान के तहत मतदाता सूची से हटाए जा चुके हैं.
किन राज्यों में चल रहा है SIR अभियान?
फिलहाल चुनाव आयोग 16 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों में SIR अभियान चला रहा है.
इन राज्यों में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना और उत्तराखंड शामिल हैं.
इसके अलावा दिल्ली, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव में भी मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण किया जा रहा है.
SIR अभियान क्यों चलाया जा रहा है?
चुनाव आयोग का कहना है कि SIR अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को सही और अपडेट रखना है, ताकि केवल पात्र मतदाताओं के नाम ही सूची में शामिल रहें.
मई 2026 में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने भी इस प्रक्रिया को वैध माना था. कोर्ट ने कहा था कि चुनाव आयोग को मतदाता सूची का पुनरीक्षण करने का अधिकार है.
विपक्ष ने उठाए सवाल
हालांकि, SIR अभियान को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है. हाल ही में INDIA गठबंधन में शामिल 23 विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर चीफ जस्टिस को पत्र लिखा है.
विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं है और कई जगहों पर मतदाताओं के नाम मनमाने तरीके से हटाए जा रहे हैं. वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत और तय दिशानिर्देशों के अनुसार की जा रही है.
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