H1N1 Advisory: दिल्ली में एच1एन1 के मामलों में बढ़ोतरी के बीच दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने लोगों के लिए जरूरी सलाह जारी की है. एसोसिएशन ने लोगों से साफ-सफाई का ध्यान रखने, भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने और फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर डॉक्टर से सलाह लेने को कहा है.
मंगलवार 25 अगस्त को जारी बयान के मुताबिक, दिल्ली में अब तक एच1एन1 के 2,308 मामले सामने आ चुके हैं. वहीं, इन्फ्लुएंजा ए और बी के कुल मामले 3,000 से ज्यादा हो गए हैं. मौजूदा समय में एच1एन1 दिल्ली में इन्फ्लुएंजा का सबसे ज्यादा पाया जाने वाला प्रकार है.
खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकें
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने मंगलवार को बताया था कि पिछले साल दिल्ली में एच3एन2 के मामले ज्यादा थे. वहीं, दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने लोगों से खांसते और छींकते समय मुंह और नाक ढकने की अपील की है. एसोसिएशन ने बार-बार हाथ धोने और बिना हाथ धोए आंख, नाक या मुंह को छूने से बचने की सलाह भी दी है.
सार्वजनिक जगहों पर न थूकें
डीएमए ने फ्लू या एच1एन1 जैसे लक्षण वाले लोगों से दूरी बनाए रखने और सार्वजनिक जगहों पर नहीं थूकने को कहा है. फ्लू के लक्षण होने पर एन95 मास्क पहनने की सलाह दी गई है. वहीं, डॉक्टरों और दूसरे स्वास्थ्य कर्मचारियों को अस्पताल, क्लीनिक और ओपीडी में मास्क पहनने के लिए कहा गया है.
बिना डॉक्टर की सलाह दवा न लें
एसोसिएशन ने लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवाएं लेने से बचने को कहा है. ऐसे लोग जो ज्यादा फ्लू वाले इलाकों से यात्रा करके लौटे हैं, उन्हें कम से कम 10 दिन तक अपनी सेहत पर नजर रखने की सलाह दी गई है.
अगर इस दौरान फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में इसकी जानकारी देने को कहा गया है. भीड़भाड़ वाले इलाकों, बाजारों और सार्वजनिक परिवहन में मास्क पहनने की भी सलाह दी गई है.
अस्पतालों को भी तैयार किया गया
डीएमए के मुताबिक, दिल्ली सरकार ने इन्फ्लुएंजा के बढ़ते मामलों को देखते हुए अस्पतालों को तैयार रखने के लिए कई कदम उठाए हैं. अस्पतालों में पर्याप्त बेड, डॉक्टर, दवाएं और जरूरी मेडिकल उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं. इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षण और गंभीर सांस की बीमारी वाले मरीजों की जांच, जानकारी जुटाने और निगरानी के लिए भी जरूरी निर्देश जारी किए गए हैं.
डीएमए ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है. एसोसिएशन का कहना है कि साफ-सफाई, समय पर डॉक्टर की सलाह और जरूरी सावधानियां अपनाकर फ्लू के फैलने का खतरा कम किया जा सकता है.
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