जहां हूतियों ने फैला रखा है आतंक, वहां भारतीय नौसेना ने कर दिया ये कमाल, जानें पूरी जानकारी

Indian Navy Gulf of Aden: भारतीय नौसेना ने रणनीतिक रूप से अहम बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से दो व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित पार कराया है. इनमें एमवी यूनियन मरीनर और एमवी दाघेर शामिल हैं.

Indian Navy demonstrates Bab-el-Mandeb Houthis ​​safely rescues two merchant vessels
प्रतिकात्मक तस्वीर/ ANI/ File

Indian Navy Gulf of Aden: भारतीय नौसेना ने रणनीतिक रूप से अहम बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से दो व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित पार कराया है. इनमें एमवी यूनियन मरीनर और एमवी दाघेर शामिल हैं. मिशन पर तैनात नौसेना की यूनिट ने दोनों जहाजों के पूरे रास्ते पर नजर रखी. नौसेना ने कहा कि भारत आने-जाने वाले जरूरी सामान की सुरक्षित आवाजाही के लिए उसकी तैनाती लगातार जारी है.

बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य लाल सागर को अदन की खाड़ी और हिंद महासागर से जोड़ता है. यह दुनिया के अहम समुद्री रास्तों में शामिल है. इस मार्ग से बड़ी मात्रा में सामान और ऊर्जा से जुड़े संसाधनों की आवाजाही होती है. ऐसे में यहां किसी भी तरह की सुरक्षा समस्या का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है.

भारतीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा पर नजर

भारतीय नौसेना के मुताबिक, इस इलाके में तैनाती का मुख्य मकसद भारत के समुद्री हितों की रक्षा करना और भारतीय व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता देना है. अदन की खाड़ी में नौसेना के युद्धपोत समुद्री डकैती रोकने के अभियान के तहत भी लगातार निगरानी कर रहे हैं.

खाड़ी क्षेत्र में भी तैनात हैं युद्धपोत

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में बने संकट के बीच भारतीय नौसेना के युद्धपोत पश्चिम एशिया के समुद्री क्षेत्र में भी मिशन पर तैनात हैं.

नौसेना के कुछ युद्धपोत ऑपरेशन संकल्प के तहत ओमान की खाड़ी में मौजूद हैं. वहीं, अदन की खाड़ी में तैनात युद्धपोत समुद्री डकैती के खतरे पर नजर रखने के साथ भारतीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही में भी मदद कर रहे हैं.

जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिकों की भी मदद

रक्षा क्षेत्र से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर भारतीय नौसेना के युद्धपोत इस इलाके में फंसे भारतीय नागरिकों की मदद के लिए भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं. हालांकि, अभी इस बारे में सरकार की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच बाब-अल-मंदेब में भारतीय नौसेना की मौजूदगी काफी अहम मानी जा रही है. इस इलाके में सुरक्षा खतरा बढ़ने से समुद्री व्यापार और जरूरी सामान की सप्लाई पर असर पड़ सकता है. ऐसे में नौसेना की तैनाती भारत के व्यापार और समुद्री सप्लाई को सुरक्षित रखने की कोशिश का हिस्सा है.

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