22 सितंबर से भारत के टैक्स ढांचे में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है. जीएसटी यानी वस्तु एवं सेवा कर प्रणाली को और अधिक सहज और उपभोक्ता हितैषी बनाने के मकसद से सरकार ने ‘GST 2.0’ को लागू करने का फैसला लिया है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हाल ही में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में इस बदलाव को मंजूरी दी गई थी. इस नई व्यवस्था के तहत टैक्स की दरों का पुनर्गठन किया गया है ताकि आम आदमी को राहत मिल सके, उपभोग को बढ़ावा मिले और व्यापारिक प्रक्रियाएं आसान हों.
क्या है GST 2.0 का नया फॉर्मेट?
इन चीज़ों पर मिलेगी राहत – जानिए क्या-क्या होगा सस्ता
1. रोज़मर्रा के उपयोग की चीज़ें
कई दैनिक उपयोग की वस्तुएं जो पहले 12% टैक्स स्लैब में थीं, अब 5% स्लैब में लाई जा सकती हैं, जैसे. टूथपेस्ट, साबुन, शैम्पू पैक्ड बिस्किट, नमकीन, जूस, घी, कंडेंस्ड मिल्क, बच्चों की स्टेशनरी और साइकिल, 1000 रुपये तक के जूते और कपड़े
2. घरेलू उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक्स
जिन वस्तुओं पर अभी 28% जीएसटी लगता है, उनके दाम अब 18% स्लैब में लाकर कम किए जा सकते हैं. इससे इन प्रोडक्ट्स के दामों में 7-8% तक की गिरावट देखी जा सकती है. एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर, डिशवॉशर, बड़े स्क्रीन वाले LED टीवी, सीमेंट (निर्माण कार्य के लिए अहम)
3. ऑटोमोबाइल सेक्टर को राहत
छोटी गाड़ियाँ और दोपहिया वाहन खरीदने की योजना बना रहे लोगों को राहत मिलेगी. 1,200cc तक की कारों पर टैक्स घट सकता है. टू-व्हीलर पर भी टैक्स दर कम हो सकती है, लग्जरी कारों और SUV पर ऊँचा टैक्स जारी रहेगा.
4. बीमा और वित्तीय सेवाएं
अभी 18% जीएसटी बीमा प्रीमियम पर लगता है. GST 2.0 के तहत इसे या तो कम किया जाएगा या कुछ मामलों में पूरी छूट भी मिल सकती है. इससे हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस होंगे सस्ते, मध्यमवर्गीय परिवारों में बीमा कवरेज बढ़ेगा, वित्तीय सुरक्षा मजबूत होगी
इन पर जेब ढीली करनी पड़ेगी – क्या होगा महंगा?
नई टैक्स प्रणाली के तहत कुछ वस्तुओं पर अब भी ऊँचा टैक्स बना रहेगा
1. 'सिन गुड्स' पर 40% टैक्स
तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट, शराब और पान मसाला, एरेटेड ड्रिंक्स (कार्बोनेटेड पेय), ऑनलाइन सट्टेबाजी और रियल मनी गेमिंग ऐप्स
2. पेट्रोल-डीजल अभी भी GST से बाहर
पेट्रोलियम उत्पाद अभी भी जीएसटी के दायरे से बाहर हैं, इसलिए आम जनता को ईंधन की कीमतों में राहत की उम्मीद नहीं करनी चाहिए.
3. लग्जरी और कीमती वस्तुएं
हीरे, गहने और अन्य महंगे सामान पर ऊँची दरें पहले की तरह जारी रहेंगी.
क्यों ज़रूरी है GST 2.0?
उपभोक्ताओं के लिए पारदर्शिता. GST 2.0 न सिर्फ टैक्स प्रणाली को सरल बनाएगा, बल्कि आम लोगों के जीवन पर इसका सीधा असर दिखेगा. घरेलू बजट में राहत से लेकर इंश्योरेंस और ऑटो सेक्टर तक, इसके कई सकारात्मक पहलू हैं. हालांकि कुछ वस्तुएं अब भी महंगी रहेंगी, लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे सामान सस्ते होंगे जिनका रोजमर्रा की ज़िंदगी से सीधा संबंध है.
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