Electronics Manufacturing India: केंद्र सरकार ने देश में इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों का उत्पादन बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग से जुड़े 31 निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी है. इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को इसकी जानकारी दी. इन प्रस्तावों के तहत देश के 10 राज्यों में इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण बनाने के संयंत्र लगाए जाएंगे. हालांकि, इन राज्यों की सूची में बिहार को जगह नहीं मिली है.
इन राज्यों में लगाए जाएंगे संयंत्र
सरकार की मंजूरी के बाद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में एक-एक संयंत्र लगाया जाएगा. वहीं हरियाणा और महाराष्ट्र में 6-6, तमिलनाडु में 7 और कर्नाटक में 5 संयंत्र स्थापित किए जाएंगे. इसके अलावा गुजरात में 4 और गोवा, हिमाचल प्रदेश व तेलंगाना में एक-एक संयंत्र लगाया जाएगा. इन 31 संयंत्रों को लगाने में करीब 7,877 करोड़ रुपये का निवेश होने की उम्मीद है. इससे देश में 9,000 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है.
विदेश से इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण मंगाने की जरूरत होगी कम
सरकार का उद्देश्य देश में ही इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों का उत्पादन बढ़ाना है. घरेलू स्तर पर उत्पादन बढ़ने से विदेशों से इन उपकरणों को मंगाने पर निर्भरता कम होगी. भारत स्मार्टफोन बनाने के मामले में दुनिया के बड़े देशों में शामिल हो चुका है और इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्यात भी बढ़ रहा है. लेकिन कई जरूरी उपकरणों के लिए अभी भी दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता है. सरकार इसी निर्भरता को कम करना चाहती है.
20 तरह के इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण बनेंगे
मंत्रालय के मुताबिक, इन 31 नए संयंत्रों में इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े करीब 20 तरह के उपकरण बनाए जाएंगे. इनमें स्पीकर और माइक्रोफोन, एंटीना, फिल्टर, कैपेसिटर, मेटल शिल्डिंग कवर, इलेक्ट्रोलाइट एडिटिव्स और ऑप्टिकल ट्रांससिवर जैसे उपकरण शामिल हैं. देश में इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण बनाने के लिए पहले से 38 संयंत्र काम कर रहे हैं, जबकि 16 अन्य संयंत्रों की स्थापना का काम चल रहा है.
59,350 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य
आईटी सचिव एस. कृष्णन के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण मैन्यूफैक्चरिंग योजना के तहत सरकार ने 59,350 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है. अब तक इस योजना के तहत सरकार को करीब 69,548 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं. इससे साफ है कि इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग के क्षेत्र में कंपनियों की रुचि लगातार बढ़ रही है.
ये भी पढ़ें- 5,643 मीटर ऊंचाई, बर्फीली हवाएं... बिहार की बेटी ने रचा इतिहास, यूरोप की सबसे ऊंची चोटी पर फहराया तिरंगा