CWG 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स का नाम आते ही दुनिया के सबसे बड़े मल्टी-स्पोर्ट आयोजनों में से एक की तस्वीर सामने आती है, जहां दर्जनों खेल, हजारों खिलाड़ी और लाखों दर्शकों का उत्साह देखने को मिलता है. लेकिन इस बार कहानी बिल्कुल अलग है. 23 जुलाई से शुरू होने जा रहे ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 कई मायनों में पिछले सभी संस्करणों से अलग होने वाले हैं. कम बजट, सीमित संसाधन, सिर्फ 10 खेलों का आयोजन और कई लोकप्रिय स्पर्धाओं की गैरमौजूदगी ने इस बार के आयोजन को इतिहास का सबसे छोटा और सबसे अनोखा कॉमनवेल्थ गेम्स बना दिया है. ऐसे में यह जानना दिलचस्प है कि आखिर इस स्थिति तक बात कैसे पहुंची और किन वजहों से इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का स्वरूप पूरी तरह बदल गया.
दो दिन बाद होगा आगाज
23वां कॉमनवेल्थ गेम्स 23 जुलाई 2026 से शुरू होकर 2 अगस्त तक चलेगा. हालांकि, इस बार खेलों को लेकर वह उत्साह दिखाई नहीं दे रहा जो आमतौर पर इस आयोजन से जुड़ा रहता है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि इस बार प्रतियोगिता का दायरा काफी छोटा कर दिया गया है. ग्लास्गो 2026 में सिर्फ 10 खेल आयोजित होंगे, जबकि पिछले कई संस्करणों में खेलों की संख्या इससे कहीं अधिक रही है. बैडमिंटन, हॉकी, कुश्ती, क्रिकेट, शूटिंग और टेबल टेनिस जैसे लोकप्रिय खेलों को इस बार कार्यक्रम से बाहर रखा गया है.
दूसरी बार मेजबानी करेगा ग्लास्गो
स्कॉटलैंड का शहर ग्लास्गो 12 वर्षों के भीतर दूसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी कर रहा है. इससे पहले वर्ष 2014 में यहां सफल आयोजन हुआ था. इस उपलब्धि के साथ ग्लास्गो इतिहास का पहला शहर बन जाएगा जिसने इतने कम अंतराल में दूसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की है. वहीं स्कॉटलैंड ऐसा दूसरा देश होगा जिसने 12 साल के भीतर दो संस्करण आयोजित किए. इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने 2006 में मेलबर्न और 2018 में गोल्ड कोस्ट में मेजबानी की थी.
आखिर विक्टोरिया ने क्यों छोड़ी मेजबानी?
दरअसल, 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी सबसे पहले ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य को मिली थी. अगस्त 2022 में बोली जीतने के बाद तैयारियां भी शुरू हो चुकी थीं और उस समय 21 खेलों के आयोजन की योजना बनाई गई थी. लेकिन जुलाई 2023 में विक्टोरिया सरकार ने अचानक आयोजन से हाथ पीछे खींच लिए. राज्य सरकार का कहना था कि आयोजन की अनुमानित लागत बढ़कर 6 से 7 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तक पहुंच गई थी, जो सरकार के लिए आर्थिक रूप से व्यावहारिक नहीं थी. बढ़ते खर्च को देखते हुए मेजबानी समझौता समाप्त कर दिया गया.
ग्लास्गो ने आखिरी समय में बचाया टूर्नामेंट
जब लंबे समय तक कोई नया मेजबान नहीं मिला तो अप्रैल 2024 में ग्लास्गो ने आगे आकर इस आयोजन की जिम्मेदारी लेने का प्रस्ताव दिया. खर्च कम रखने के लिए 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स में इस्तेमाल किए गए अधिकांश स्टेडियम और बुनियादी ढांचे का दोबारा उपयोग करने का फैसला किया गया. इस बार अलग से एथलीट्स विलेज भी नहीं बनाया गया. खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था शहर के होटलों के साथ ग्लास्गो कैलेडोनियन यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लास्गो के छात्र आवासों में की गई है. कम बजट में आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रतियोगिताओं को सिर्फ सात वेन्यू तक सीमित रखा गया है.
1994 के बाद पहली बार इतने कम खेल
ग्लास्गो 2026 में सिर्फ 10 खेल शामिल किए गए हैं. यह 1994 के बाद पहला मौका होगा जब कॉमनवेल्थ गेम्स में इतने कम खेल आयोजित किए जाएंगे. इससे पहले कनाडा के विक्टोरिया में आयोजित 1994 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी केवल 10 खेल शामिल थे. हालांकि उस समय टीम स्पोर्ट्स कार्यक्रम का हिस्सा नहीं थे. बाद में 1998 के कुआलालंपुर कॉमनवेल्थ गेम्स से टीम खेलों को शामिल किया गया था.
कई लोकप्रिय खेलों को किया गया बाहर
इस बार कई ऐसे खेलों को कार्यक्रम से हटा दिया गया है जिनमें भारत पारंपरिक रूप से अच्छा प्रदर्शन करता रहा है. बैडमिंटन, हॉकी, कुश्ती, शूटिंग, क्रिकेट और टेबल टेनिस जैसे खेल इस संस्करण का हिस्सा नहीं होंगे. टीम स्पोर्ट्स में सिर्फ नेटबॉल को बरकरार रखा गया है, जबकि 3x3 बास्केटबॉल को भी कार्यक्रम में जगह मिली है. इसके अलावा आयोजन का खर्च कम करने के लिए मैराथन, रेस वॉकिंग, रोड साइक्लिंग और माउंटेन बाइकिंग जैसी आउटडोर स्पर्धाओं को भी हटाया गया है. पारंपरिक लॉन बाउल्स प्रतियोगिता भी इस बार खुले मैदान की बजाय इंडोर फॉर्मेट में कराई जाएगी.
ग्लास्गो 2026 में कौन-कौन से खेल होंगे?
इस बार कुल 10 खेल आयोजित किए जाएंगे, जिनमें कई पैरा स्पोर्ट्स भी शामिल हैं. प्रतियोगिता में आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक, एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स, बॉल्स और पैरा बॉल्स, मुक्केबाजी, ट्रैक साइक्लिंग और पैरा ट्रैक साइक्लिंग, नेटबॉल, जूडो, तैराकी और पैरा तैराकी, वेटलिफ्टिंग और पैरा पावरलिफ्टिंग के साथ 3x3 बास्केटबॉल और 3x3 व्हीलचेयर बास्केटबॉल शामिल होंगे.
इतिहास के सबसे अलग कॉमनवेल्थ गेम्स के रूप में होगा दर्ज
कम बजट, सीमित खेल, बिना एथलीट्स विलेज और पहले से मौजूद इंफ्रास्ट्रक्चर के सहारे आयोजित होने वाला ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 खेल इतिहास में एक अलग पहचान बनाने जा रहा है. हालांकि आयोजन का स्वरूप छोटा हो गया है, लेकिन आयोजकों का मानना है कि यह मॉडल भविष्य में बड़े खेल आयोजनों की लागत कम करने का एक नया उदाहरण भी बन सकता है. अब दुनिया की नजर इस बात पर होगी कि सीमित संसाधनों के बावजूद ग्लास्गो इस प्रतिष्ठित आयोजन को कितनी सफलतापूर्वक आयोजित कर पाता है.
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