इस्लामाबाद: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण भयानक बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है. हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि शनिवार को राज्य सरकार को पूरे प्रांत में आपातकाल की घोषणा करनी पड़ी. बाढ़ और उससे संबंधित घटनाओं में अब तक 314 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 156 से अधिक लोग घायल हैं. सैकड़ों परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना पड़ा है.
खैबर पख्तूनख्वा के बुनेर जिले में बाढ़ और मलबा गिरने की घटनाओं ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है. प्रशासन के अनुसार, बुनेर में 209 लोगों की मौत हुई है, और 120 से अधिक लोग घायल हुए हैं. इसके अतिरिक्त, जिले के गद्दीजी, बिशोनी, मलिकपुर, बालोखान और डग्गर जैसे क्षेत्रों में भारी नुकसान की खबरें सामने आई हैं. राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे दलों ने अब तक 181 शवों को मलबे से निकाला है, जबकि 850 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.
अन्य प्रभावित जिले
खैबर पख्तूनख्वा के अन्य जिलों में भी बाढ़ ने गंभीर प्रभाव डाला है:
भारी बारिश बनी रेस्क्यू में बाधा
प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (PDMA) और खैबर पख्तूनख्वा रेस्क्यू 1122 की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 2,000 बचावकर्मी मलबे में फंसे लोगों को निकालने और राहत सामग्री पहुंचाने में जुटे हैं. हालांकि, लगातार बारिश और दुर्गम इलाके इस कार्य में बड़ी बाधा बन रहे हैं. अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मलबे के नीचे अभी भी कई शव दबे हो सकते हैं, और जीवित बचे लोगों की संभावना बहुत कम है.
रेस्क्यू प्रवक्ता बिलाल अहमद फैजी ने जानकारी दी कि प्रभावित इलाकों में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं. विशेष रूप से बुनेर के गोकंद और पीर बाबा क्षेत्रों में जिला प्रशासन और आपदा राहत दल सक्रिय हैं. उन्होंने बताया कि 202 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं.
संरचना और सार्वजनिक संपत्ति को भी नुकसान
बाढ़ ने सिर्फ जनहानि ही नहीं, बल्कि बुनियादी ढांचे को भी गहरी चोट पहुंचाई है. अब तक की रिपोर्ट के अनुसार:
इनमें से कई स्कूल राहत शिविरों के रूप में उपयोग किए जा रहे हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था भी बाधित हो गई है.
पंजाब में पर्यटकों की आवाजाही पर रोक
बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति को देखते हुए पंजाब प्रांत की पीडीएमए ने मुर्री क्षेत्र में पर्यटकों के प्रवेश पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है. इस संबंध में पंजाब सरकार के पर्यटन विभाग, राजस्व बोर्ड और रावलपिंडी संभाग के अधिकारियों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं. आदेश में कहा गया है कि जब तक मानसून कमजोर नहीं हो जाता, तब तक संवेदनशील और जोखिम भरे क्षेत्रों में धारा 144 के तहत पाबंदियां लागू रहेंगी.
सरकार की ओर से राहत के प्रयास तेज
खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविरों की स्थापना की है. प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई मशीनरी को मलबा हटाने के काम में लगाया गया है. पीड़ित परिवारों को खाद्य सामग्री, चिकित्सा सहायता और अस्थायी आवास प्रदान किए जा रहे हैं. इसके साथ ही, राज्य सरकार ने केंद्र से भी अतिरिक्त सहायता की मांग की है ताकि हालात पर जल्द से जल्द काबू पाया जा सके.
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