बैंक का SMS देखकर न करें भरोसा! खाली हो सकता है अकाउंट, OTP-PIN देने से पहले जान लें ये बातें

Bank Fraud SMS News: आज के डिजिटल दौर में बैंकिंग से जुड़े SMS हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं. यही वजह है कि साइबर ठग अब बैंक के नाम और लोगो जैसी जानकारी का इस्तेमाल कर ऐसे फर्जी मैसेज भेज रहे हैं.

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Bank Fraud SMS News: आज के डिजिटल दौर में बैंकिंग से जुड़े SMS हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं. यही वजह है कि साइबर ठग अब बैंक के नाम और लोगो जैसी जानकारी का इस्तेमाल कर ऐसे फर्जी मैसेज भेज रहे हैं, जो पहली नजर में बिल्कुल असली लग सकते हैं. 

KYC अपडेट के नाम पर अकाउंट बंद करने की धमकी हो या कैशबैक का लालच देकर लिंक खोलने का दबाव, इन मैसेज का मकसद अक्सर यूजर से संवेदनशील जानकारी हासिल करना होता है. कई मामलों में फर्जी SMS उसी थ्रेड में दिखाई दे सकता है, जहां पहले बैंक के वास्तविक मैसेज आए हों. इसलिए केवल SMS थ्रेड देखकर किसी मैसेज को असली मानना सुरक्षित नहीं है.

डर और जल्दबाजी पैदा करने वाले मैसेज से रहें सावधान

फर्जी बैंक SMS में अक्सर ऐसा माहौल बनाया जाता है कि ग्राहक बिना सोचे-समझे तुरंत कार्रवाई कर दे. मैसेज में अकाउंट बंद होने, डेबिट कार्ड ब्लॉक होने या किसी संदिग्ध ट्रांजैक्शन का हवाला देकर लिंक पर क्लिक करने या किसी नंबर पर कॉल करने के लिए कहा जा सकता है. 

ऐसे मैसेज में दी गई जानकारी सही लगने के बावजूद तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचना चाहिए. बैंक से संबंधित किसी भी अलर्ट की पुष्टि करने के लिए सीधे बैंक के आधिकारिक ऐप या वेबसाइट का इस्तेमाल करना ज्यादा सुरक्षित तरीका है.

लिंक खोलने से पहले करें अच्छी तरह जांच

बैंक के नाम से आए किसी अनजान SMS में दिए लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी जांच करना जरूरी है. बैंक की जानकारी देखने के लिए SMS में दिए लिंक का इस्तेमाल करने के बजाय बैंक का आधिकारिक मोबाइल ऐप खोलें या वेबसाइट का पता खुद टाइप करें. 

मैसेज भेजने वाले का नाम, नंबर, वेबसाइट एड्रेस और URL को ध्यान से देखना भी जरूरी है. फर्जी मैसेज में कई बार बैंक से मिलता-जुलता नाम, संदिग्ध URL या गलत स्पेलिंग का इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि हर फर्जी SMS में ऐसी गलती हो, यह जरूरी नहीं है, इसलिए केवल भाषा की गलतियों के आधार पर ही फैसला नहीं लेना चाहिए.

OTP, PIN और CVV शेयर करना पड़ सकता है भारी

साइबर ठगी में सबसे बड़ा खतरा तब पैदा होता है, जब ग्राहक अपनी बैंकिंग जानकारी किसी अनजान व्यक्ति या वेबसाइट के साथ साझा कर देता है. OTP, इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड, ATM PIN, CVV और UPI PIN जैसी संवेदनशील जानकारी किसी के साथ शेयर नहीं करनी चाहिए. 

बैंक आम तौर पर SMS, फोन कॉल या मैसेजिंग ऐप के जरिए ग्राहकों से ऐसी गोपनीय जानकारी मांगने के लिए संपर्क नहीं करते. अगर कोई मैसेज इन जानकारियों को तुरंत साझा करने का दबाव बनाए, तो उसे गंभीर चेतावनी मानें और आगे कोई जानकारी दर्ज न करें.

शक होने पर SMS के जरिए नहीं, बैंक से खुद संपर्क करें

अगर किसी बैंक SMS पर संदेह है तो उसमें दिए गए फोन नंबर पर कॉल करने या उसी मैसेज का जवाब देने से बचें. बैंक से संपर्क करने के लिए अपने डेबिट कार्ड, पासबुक या बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद कस्टमर केयर नंबर का इस्तेमाल करें. 

अगर गलती से किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक कर दिया है या बैंकिंग जानकारी साझा हो गई है, तो बिना देरी किए बैंक को इसकी सूचना दें और जरूरी सुरक्षा कदम उठाएं. फर्जी SMS से बचने का सबसे आसान नियम यही है कि किसी भी मैसेज में दिखाई गई जल्दबाजी को अपनी जल्दबाजी न बनने दें और हर लिंक, नंबर तथा दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें.

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