अंकारा/इस्लामाबाद: तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तय्यप एर्दोगन ने एक बार फिर पाकिस्तान के प्रति अपने मजबूत समर्थन को दोहराया है. उन्होंने कहा कि तुर्की अच्छे और बुरे दोनों समय में पाकिस्तान के साथ खड़ा रहेगा, और यह रिश्ता सिर्फ कूटनीतिक नहीं, बल्कि दिलों से जुड़ा हुआ है.
शहबाज शरीफ की एक सोशल मीडिया पोस्ट पर आई टिप्पणी
एर्दोगन की यह टिप्पणी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की एक सोशल मीडिया पोस्ट पर आई, जिसमें शरीफ ने दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों और पारस्परिक समर्थन का ज़िक्र किया था. एर्दोगन ने उस पोस्ट का जवाब देते हुए लिखा, "तुर्की और पाकिस्तान के बीच के संबंध अटूट हैं. हम हमेशा पाकिस्तान के साथ खड़े रहेंगे — चाहे परिस्थितियां जैसी भी हों."

ऐतिहासिक संबंधों की नींव पर बनी दोस्ती
तुर्की और पाकिस्तान के रिश्ते कोई नए नहीं हैं. दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संबंध रहे हैं. ओआईसी (इस्लामिक सहयोग संगठन), संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तुर्की ने कई बार पाकिस्तान के पक्ष में अपनी आवाज बुलंद की है — खासकर कश्मीर मुद्दे पर.
हालिया घटनाओं के संदर्भ में अहम संदेश
राष्ट्रपति एर्दोगन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान आर्थिक चुनौतियों और क्षेत्रीय अस्थिरता से गुजर रहा है. इसके अलावा भारत के साथ तनाव के बीच एर्दोगन का ये बयान साफ संदेश देता है कि तुर्की पाकिस्तान को हर मोर्चे पर साथ देने के लिए तैयार है. आपको बता दें कि वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान को समर्थन देने वाले देशों की संख्या सीमित है, ऐसे में तुर्की जैसे बड़े इस्लामिक देश का यह समर्थन पाकिस्तान के लिए न सिर्फ कूटनीतिक बल्कि मनोवैज्ञानिक रूप से भी बेहद अहम है.
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