वाशिंगटनः चार साल पहले अफगानिस्तान में हुए हमले के जिम्मेदार आतंकवादी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पकड़ने का दावा किया है, जिसने अमेरिका को गहरा आघात पहुंचाया था. 2021 में काबुल एयरपोर्ट पर हुए आत्मघाती बम विस्फोट के बारे में ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित करते हुए यह महत्वपूर्ण जानकारी दी. इस हमले में 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई थी और ट्रंप ने घोषणा की कि उस हमले के जिम्मेदार आतंकी को पकड़ लिया गया है, और अब उसे अमेरिकी न्याय का सामना करने के लिए अमेरिका लाया जा रहा है.
पाकिस्तान को क्यों कहा धन्यवाद
ट्रंप ने इस सफलता का श्रेय पाकिस्तान को दिया और उनका धन्यवाद करते हुए कहा कि पाकिस्तान की मदद के बिना यह गिरफ्तारी संभव नहीं होती. ट्रंप ने विशेष रूप से 2021 में अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी के दौरान काबुल एयरपोर्ट पर हुए विस्फोट को याद करते हुए कहा कि यह एक दुखद घटना थी, जिसमें 13 अमेरिकी सैनिकों की जान चली गई. उन्होंने बाइडेन प्रशासन की अफगानिस्तान से सेना की वापसी को एक विफल प्रयास और अमेरिकी इतिहास का एक शर्मनाक पल बताया.
आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात
अपने संबोधन में ट्रंप ने इस आतंकी के खिलाफ अमेरिका के मजबूत रुख को भी उजागर किया, जिसमें कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात कही. हालांकि, ट्रंप ने इस आतंकी का नाम उजागर नहीं किया और न ही उसकी पहचान सार्वजनिक की. उन्होंने केवल इतना कहा कि अब वह आतंकवादी अमेरिकी न्याय का सामना करेगा. ट्रंप ने मध्य पूर्व में किए गए अब्राहम समझौते का भी उल्लेख किया, जो उनके प्रशासन के दौरान स्थापित हुआ था, और इसका उल्लेख करते हुए यह भी कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के बीच मजबूत संबंध हैं, जो आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष में महत्वपूर्ण हैं.
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